Bareilly News: यहां स्क्रैप नीति ही साबित हो रही कबाड़
बरेली। साढ़े तीन माह में सरकारी की वाहन स्क्रैप नीति एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकी है। अब भी बड़ी संख्या में 15 साल या इससे ज्यादा पुराने वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। निजी वाहन स्वामी अपने पुराने वाहन को स्क्रैप कराने को लेकर दिलचस्पी नहीं दिखा रहे। वह इन वाहनों के पंजीकरण का नवीनीकरण कराने के लिए भी आगे नहीं आ रहे। जिले में ऐसे वाहनों की संख्या करीब एक लाख है। पंजीकरण का नवीनीकरण कराने वाले वाहनों के लिए हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट मिलने में भी समस्या हो रही है।
जिले में निजी, सरकारी, कॉमर्शियल वाहनों की संख्या करीब 9.15 लाख है। 1.10 लाख से ज्यादा ऐसे वाहन हैं, जिनकी उम्र 15 साल या फिर इससे ज्यादा हो चुकी है। एक अप्रैल 2023 से नई स्क्रैप नीति के तहत ऐसे वाहनों को स्क्रैप के लिए भेजा जाना था। निजी वाहन स्वामियों को छूट है कि वह चाहें तो ऐसे वाहनों का पंजीकरण नवीनीकरण करा सकते हैं। हालांकि, नवीनीकरण के लिए कुछ ज्यादा शुल्क तय किया गया है। पुराने 176 सरकारी वाहनों को अप्रैल के पहले सप्ताह में ही विभिन्न विभागों ने सरेंडर कर दिया था। परिवहन विभाग अब तक इन वाहनों का मूल्यांकन तक नहीं कर सका है। ऐसे में इन वाहनों को भी स्क्रैप के लिए नहीं भेजा जा सका है।
जिले में एक निजी कंपनी ने स्क्रैप सेंटर खोलने के लिए परिवहन विभाग में आवेदन किया है, लेकिन कुछ तकनीकी कारणों से स्वीकृति नहीं मिल सकी। पुराने वाहनों को स्क्रैप कराने पर नए वाहन के पंजीकरण पर छूट की व्यवस्था भी है। इसके बाद भी जिले में नई स्क्रैप नीति आगे नहीं बढ़ रही। खटारा वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं।
नवीनीकरण नहीं कराने वाले वाहनों का पंजीकरण होगा रद्द
परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों को 15 साल पुराने वाहनों के पंजीकरण का मौका भी दिया था। अब भी काफी संख्या में वाहन स्वामियों ने पंजीकरण का नवीनीकरण नहीं कराया है। ऐसे 1000 वाहनों का पंजीकरण छह माह के लिए निलंबित किया जा चुका है। निलंबन की समय सीमा में नवीनीकरण नहीं कराने पर इन वाहनों का पंजीकरण निरस्त करने की चेतावनी भी दी गई है। इसके बाद भी अगर इस तरह के वाहन सड़कों पर दौड़ते मिलते हैं तो उनको जब्त किया जाएगा।
जिले में कुल वाहन
बाइक- 6,36,876
स्कूटर- 91,432
कार- 80,580
ट्रैक्टर- 24,230
ई-रिक्शा-9,650
मोपेड-7,987
एंबुलेंस-345
अन्य वाहन-22,987
काॅमर्शियल वाहन-40,530
वर्जन
पुराने हो चुके सरकारी वाहनों का मूल्यांकन किया जा रहा है। 15 वर्ष या इससे ज्यादा पुराने हो चुके वाहनों का फिर से पंजीकरण न कराने पर उसे निरस्त किया जाएगा। कार्रवाई लगातार प्रक्रिया में है। स्क्रैप सेंटर खोलने की दिशा में भी कार्रवाई चल रही है।- संजय सिंह, उपायुक्त परिवहन



