Bareilly News: जबरदस्ती भेजा था स्कूल, अच्छा नहीं लगा इसलिए चली गई
बरेली। मुझे स्कूल में अच्छा नहीं लग रहा था। मम्मी-पापा ने जबरदस्ती स्कूल में रहने भेज दिया था। मैंने कहा भी था कि मुझे यहां नहीं रहना है। किसी ने मेरी बात नहीं मानी। इसीलिए मौका मिलने पर स्कूल से चली गई थी। यह कहना है कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय से बृहस्पतिवार को लापता हुई छात्रा तनु राठौर का।
हालांकि उसने अभी तक इन सवालों के जवाब नहीं दिए हैं कि वह उत्तराखंड कैसे पहुंच गई? उसके पास एटीएम कहां से आया? वह आगे क्या करने वाली थी? क्या सोच कर स्कूल से गई थी? कहां जाना चाहती थी? अगर घर की ही याद आ रही थी तो वह अपने मम्मी-पापा के पास क्यों नहीं गई?
वन स्टॉप सेंटर पर रह रही कक्षा छह की छात्रा अब अपने परिवार को याद कर रही है। सेंटर में छात्रा की सुरक्षा में मौजूद महिला पुलिस कर्मियों से घर वापस भेजने की गुहार लगाती रही। इसी दौरान पुलिस कर्मियों और सेंटर में मौजूद अन्य लड़कियों से बातचीत में उसने स्कूल से जाने के पीछे का कारण बताया।
शेरगढ़ पुलिस भी उससे बाकी के सवालों पर जवाब का पता नहीं लगा सकी। हालांकि, सोमवार को छात्रा का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। परीक्षण और बयान दर्ज होने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बुधवार को छात्रा को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया जा सकता है।
इस बीच सोमवार को उन आरोपों की भी जांच की गई, जिनमें छात्रा के परिजन ने सेंटर की ओर से खाने का बिल मांगे जाने के लिए फोन करने की बात कही थी। सेंटर की ओर से जांच में परिजनों को किए गए कॉल फर्जी बताए गए हैं।



