Bareilly News: आबादी 51.53 लाख के पार… संसाधनों पर बढ़ रहा बोझ
बरेली। जिले की आबादी बीते 10 वर्षों में करीब सात लाख बढ़ी है। वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक 44,48,359 थी। 10 साल बाद वर्ष 2021 में जनगणना होनी थी, लेकिन कोरोना काल के कारण नहीं हो सकी। सांख्यिकी विभाग ने वर्ष 2023 में आबादी के अनुमानित आंकड़े जारी किए गए हैं। इसके अनुसार जिले की आबादी अब 51,53,869 हो गई है। वर्ष 2011 के मुकाबले 2023 में लिंगानुपात में सुधार हुआ है। वर्ष 2011 में 1000 पुरुषों के मुकाबले 887 महिलाएं थीं। वर्ष 2023 में 910 हो गईं।
हालांकि, जनसंख्या में हुए इजाफा के अनुपात में संसाधन कम हुए हैं। सार्वजनिक यातायात पर आबादी का दबाव काफी बढ़ा है। रेलवे जंक्शन की बात करें तो यहां रोजाना 35,000 यात्रियों का आवागमन होता है। रोडवेज में 32,000 के करीब है। 10 वर्ष में यह दोगुना हो गया है। संसाधनों की स्थिति अब भी 10 वर्ष पुरानी है।
नगरीयकरण के बीच एक फीसदी भी नहीं बचा वन क्षेत्र
जिले के क्षेत्रफल की बात करें तो यह करीब 4120 वर्ग किमी है। तेजी से नगरीयकरण के कारण वनक्षेत्र घटकर एक फीसदी भी नहीं बचा है। सड़कों के चौड़ीकरण समेत अन्य योजनाओं के दौरान जिले में तेजी से वृक्षों का कटान हुआ है। वर्ष 2023 में ही लालफाटक-रामगंगा, बरेली-सितारगंज मार्गों के चौड़ीकरण के लिए 11,000 से ज्यादा पेड़ों का कटान हो चुका है। बरेली-रामनगर रोड का चौड़ीकरण भी प्रस्तावित है। यहां भी करीब 80,000 पेड़ों का कटान प्रस्तावित है। बढ़ती आबादी और वन क्षेत्र कटान के बीच पर्यावरण संतुलन भी बिगड़ रहा है। इससे बीमारियां बढ़ रही हैं। संवाद
वर्ष 2023
अनुमानित जनसंख्या- 51,53,869
पुरुषों की अनुमानित संख्या- 27,31,591
महिलाओं की अनुमानित संख्या
वर्ष 2011
जनगणना के अनुसार जनसंख्या- 44,48,359
पुरुषों की संख्या- 23,57,665
महिलाओं की संख्या- 20,90,694
लिंग अनुपात- 1000 पुरुषों के मुकाबले 887
कुल साक्षर- 21,91,759
साक्षर पुरुष- 13,42,697
साक्षर महिलाएं- 8,49,062
कुल साक्षरता प्रतिशत- 58.49%
साक्षरता प्रतिशत पुरुष- 67.50%
साक्षरता प्रतिशत महिलाएं- 48.30%
धर्म- 2011 में जनसंख्या- प्रतिशत- 2023 की जनसंख्या
हिंदू- 28,30,768- 63.64%- 32,79,728
मुसलमान- 15,36,534-34.54%-17,80,228
ईसाई- 14,822- 0.33%— 17,173
सिख- 28,187- 0.63%- 32,657
बौद्ध
जैन
अघोषित
अन्य
कुल
वर्जन-
जिले की अनुमानित जनसंख्या 53.53 लाख है। वर्ष 2011 की जनगणना के मुकाबले यह करीब सात लाख ज्यादा है। 2021 में कोरोना काल के कारण जनगणना नहीं हो सकी थी। जिले की आबादी तेजी से बढ़ रही है।
बी राम, मंडलीय अर्थ एवं संख्या अधिकारी



