Bareilly News: जल निगम ने बिना अनुमति खोद दी बीडीए की सड़क
बरेली। नमामि गंगे परियोजना में सीवर लाइन डालने के लिए जल निगम ने रामगंगा नगर जाने वाली सड़क बीडीए की अनुमति के बगैर खोद दी। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने खोदाई रुकवाते हुए मशीनें कब्जे में ले ली हैं।
जल निगम ने निजी फर्म को 183 करोड़ की लागत से सीवर लाइन की खोदाई का काम सौंपा है। पीलीभीत बाईपास पर बैरियर टू पुलिस चौकी के निकट से खोदाई का काम शुरू हुआ था। बृहस्पतिवार को रामगंगा नगर जाने वाली रोड पर खोदाई का काम चल रहा था। वीडीए उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह इसी मार्ग से निकले। निजी फर्म के साइट इंचार्ज से पूछा कि किसकी अनुमति से बीडीए की सड़क खोदी जा रही है तो जवाब मिला कि नगर निगम की अनुमति है, लेकिन कोई अनुमति पत्र नहीं था। बीडीए से अनुमति क्यों नहीं ली, इसका जवाब साइट इंचार्ज नहीं दे सके। इस पर बीडीए उपाध्यक्ष ने नाराजगी जाहिर करते हुए काम रुकवाकर मशीनों को कब्जे में ले लिया।
पहले थप्पड़ मारने का आरोप जड़ा, फिर बोले- कुछ नहीं हुआ
सड़क पर खोदाई करा रही निजी फर्म के साइट इंचार्ज पीयूष राघव ने शाम पौने पांच बजे मीडिया प्रतिनिधियों को कॉल करके बताया कि बीडीए वीसी ने उन्हें थप्पड़ जड़ दिया। साथ ही काम बंद करवा दिया। मशीनें कब्जे में ले लीं, लेकिन एक घंटे के भीतर ही उनका बयान बदल गया। वह बोले- गलती उनकी ही थी। बिना अनुमति के काम कर रहे थे। अब अनुमति लेकर काम कराएंगे। थप्पड़ मारने के आरोप को भी उन्होंने वापस ले लिया। वह बोले-कुछ नहीं हुआ। प्रोजेक्ट मैनेजर सुशील चौहान ने भी साइट इंचार्ज की बात का हवाला देकर बीडीए वीसी पर मारपीट करने और मोबाइल तोड़ने तक के आरोप लगाए थे। पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने की बात भी कही थी, लेकिन कुछ ही देर बाद में उनके भी सुर बदल गए।
कोट
मारपीट का कोई मतलब नहीं है। मैंने सिर्फ एनओसी मांगी थी, जो साइट पर मौजूद कर्मचारी-अधिकारी नहीं दिखा सके। इसके बाद काम रुकवा दिया। – जोगिंदर सिंह, उपाध्यक्ष, बीडीए



