Bareilly News: उम्र के अनुसार रखें खान-पान, शरीर की समस्याओं से नहीं होंगे परेशान
बरेली। आजकल खान-पान को लेकर लोग जितने सतर्क हैं, उतने ही लापरवाह भी हैं। डायटिंग पर रहते हुए भी लोग जंक फूड खा लेते हैं। यही कारण है कि वातावरण में थोड़ा सा भी बदलाव होने पर लोगों को पेट से लेकर त्वचा से संबंधित समस्याएं होने लगती हैं।
डायटीशियन विभा कटियार और ज्योति गंगवार कहती हैं कि कुछ वर्षों से लोगों में मधुमेह, हार्मोनल इंबैलेंट और पाचन संबंधित परेशानियां बढ़ गई हैं। इसलिए ओमेगा 3 व फाइबर संतुलित आहार जरूरी है। उन्होंने उम्र अनुसार लोगों को खान-पान में बदलाव करने की सलाह दी है।
2-10 साल
इस उम्र में बच्चों को पोषण की जरूरत अधिक होती है। इसलिए उन्हें फल, डेयरी उत्पाद, दाल और सब्जियों से भरपूर खाना देना चाहिए। डायटीशियन ज्योति गंगवार बताती हैं कि इस दौरान बच्चों की खाने की आदत बनती है। यही समय है जब उनको सब्जियों का सेवन करना सिखाया जा सकता है।
ये चीजें जरूरी : दाल का पानी, दलिया, भीगे और पिसे मेवा, एक से दो केले, चीकू, मौसमी सब्जियों के साथ एक या दो रोटियां, सेब, उबले आलू आदि।
11-25 साल
इस आयु वर्ग में लोग बाहर का खाना अधिक खाते हैं। विभा ने बताया कि इस वर्ग के लोगों को हार्मोनल इंबैलेंट की समस्याएं सबसे ज्यादा होती हैं। इसका असर त्वचा पर भी पड़ता है। रिफाइंड तेल के बजाय घी का इस्तेमाल करें और बाहर के खाने का कम से कम सेवन करें। इस वर्ग को हाई कैलोरी की जरूरत होती है।
ये चीजें जरूरी : दाल-चावल, दो से तीन घी लगी रोटी, उपमा, मीट, भीगे बादाम, फल से बनी चाट, सलाद, सब्जियों का पराठा आदि।
26-40 साल
इस आयु वर्ग में हड्डियों व जोड़ों में दर्द की समस्या बढ़ जाती है। डायटीशियन ज्योति के अनुसार नींद पूरी न होने व भागदौड़ वाली दिनचर्या के कारण शरीर में दर्द बैठ जाता है। समय पर इसका उपचार नहीं किया तो यह आगे दिक्कत दे सकता है। लोगों को प्रोटीन व कैलोरी के हिसाब से ही भोजन लेना चाहिए।
ये चीजें जरूरी : ओट्स, उबले व भुने चने की चाट, पनीर, दही, अलसी के बीज, दूध, खजूर आदि।
40 साल से अधिक
इस आयु वर्ग में पेट संबंधित बीमारियां बढ़ जाती हैं। विभा बताती हैं कि इस समय कम-ज्यादा खाना और भूखा रहना दोनों ही नुकसानदेह है। लोगों को हर दो घंटे में कुछ न कुछ खाते रहना चाहिए। इस आयु वर्ग के लोगों को पैकेज्ड जूस, कोल्ड ड्रिंक आदि के सेवन से बचना चाहिए।
ये चीजें जरूरी : सत्तू, बेसन व आटे का चीला, ब्रोकली, गोभी आदि हरी सब्जियां, जीरा व सौंफ का पानी, साबुत अनाज, मेवा आदि।



