Bareilly News: 211 सैंपल की जांच, 48 फीसदी खाद्य सामग्री में मिलावट
बरेली। मिलावटखोरों पर कार्रवाई में बरेली प्रदेश में पहले पायदान पर है। बावजूद इसके कई प्रतिष्ठान संचालक मिलावटखोरी से बाज नहीं आ रहे हैं। पिछले दिनों जांच के लिए लैब भेजे गए खाद्य पदार्थों की रिपोर्ट में 48 फीसदी खाद्य सामग्री असुरक्षित मिली है। इनका लगातार सेवन सेहत के लिए घातक हो सकता है। जिला अभिहीत अधिकारी धर्मराज मिश्र ने लोगों से मिलावट की आशंका पर सूचना देने को कहा है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की ओर से होली समेत अन्य दिनों में औचक निरीक्षण कर जिले के अलग-अलग प्रतिष्ठानों से खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए थे, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया था। प्राप्त 211 सैंपल की रिपोर्ट में 98 खाद्य सामग्री में मिलावट का पता चला है। इसमें बर्फी, छेना, रसमलाई, काला जामुन, खाद्य तेल, मावा, दूध, रेड मीट, कचरी आदि में भी मिलावट मिली है।
संबंधित जांच रिपोर्ट पर मिलावटखोरों के खिलाफ एडीएम सिटी कोर्ट में वाद दायर कराने की प्रक्रिया चल रही है। पिछले वित्तीय वर्ष में एफएसडीए की ओर से करीब 200 से ज्यादा वाद कोर्ट में दायर किए गए थे। इसमें सुनवाई के बाद करीब पांच करोड़ रुपये का जुर्माना मिलावटखोरों पर किया गया है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी के मुताबिक बाजार में बिकने वाले ज्यादातर खाद्य पदार्थ में रंगों की मिलावट की जा रही है। यह खाद्य सामग्री ग्राहकों को आकर्षित करती है, पर इसका ज्यादा सेवन शरीर को रोगी बना सकता है। इसलिए बाजार में खाद्य सामग्री खरीदते समय रंगीन खाद्य पदार्थ खरीदने से बचने का सुझाव दिया है। साथ ही, बाजार में सस्ते के चक्कर में घटिया खाने-पीने का सामान न खरीदने की अपील लोगों से की है।
सबसे ज्यादा फेल मिले दूध के नमूने
एफएसडीए ने पिछले वित्तीय वर्ष में दूध के 197 संदिग्ध नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे थे। सभी की प्राप्त रिपोर्ट में 103 यानी 54 फीसदी नमूने जांच में फेल मिले हैं। यानी गुणवत्ता के आधार पर उनका सेवन सही नहीं है। दूध के तीन सैंपल में घातक रसायन की पुष्टि हुई।
मोबाइल लैब से जागरूक अभियान
एफएसडीए की ओर से लोगों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता परखने के लिए समय-समय पर फूड सेफ्टी मोबाइल वैन भी चलाई जाती है। इस वैन की प्रयोगशाला में लोगों से प्राप्त खाद्य पदार्थों की निशुल्क जांच होती है। उन्हें पिसी हल्दी, मिर्च, धनिया समेत शहद, दाल, चावल, नमक, जीरा, मिठाई आदि आदि पदार्थों में मिलावट पहचाने का तरीका बताया जाता है।



