Bareilly News: पर्यटकों को रिझाने के लिए ककरा खुर्द में विकसित होगी झील
फरीदपुर। भुता ब्लॉक के ककरा खुर्द गांव में 184 बीघा जमीन पर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए झील विकसित की जा रही है। जिला प्रशासन इस झील की खोदाई मनरेगा के जरिये करा रहा है। यहां पर्यटन बढ़ाने के लिए सौंदर्यीकरण के अन्य काम भी कराए जाएंगें।
ककरा खुर्द गांव में प्राकृतिक झील थी। करीब दो दशक पहले यह झील सूख गई थी। अब इसे जिंदा करने की कवायद शुरू की गई है। मनरेगा विभाग की ओर से झील को विकसित किया जा रहा है। इसके लिए दो करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है। झील में मिट्टी के करीब 10 फुट ऊंचे 14 टीले बनाए जाएंगे। पर्वताकार टीलों के ऊपर वृक्ष लगाए जाएंगे।
झील को इनर जोन, मिडिल जोन, आउटर जोन में बांटा गया है। मई-जून में पानी कम रहता है इसके लिए इनर जोन बनाया गया है। बारिश के मौसम के लिए मिडिल जोन बनाया गया है। भारी बारिश के लिए आउटर जोन बनाया गया है। फ्लो ओवर होने की स्थिति में जल निकासी का मार्ग बनाया गया है। झील के अंदर ही मिट्टी के पर्वताकार 14 टीले अलग-अलग करीब 10 फुट ऊंचाई के बनाए जा रहे हैं। झील में पहाड़ों जैसा दृश्य बनाया जाएगा। यहां सौंदर्यीकरण के अन्य काम भी कराए जाएंगें। झील को पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाया जा रहा है।
प्रवासी पक्षियों की होगी आमद
ग्रामीणों ने बताया कि झील में जब तक पानी था तब तक यहां सुदूर ठंडे देशों से हर साल प्रवासी पक्षी आते थे। झील सूखने के बाद प्रवासी पक्षियों का आना भी बंद हो गया। झील के फिर से विकसित होने के बाद प्रवासी पक्षियों की आमद फिर से शुरू होने का अनुमान है। अधिकारी भी दावा कर रहे हैं कि प्रवासी पक्षियों और सारस के लिए यह मुफीद ठिकाना बनेगी।
जमीन पर हो रही खेती
झील की जमीन पर लोगों ने अवैध कब्जा कर खेती शुरू कर दी। इससे झील का दायरा सिकुड़ता चला गया। करीब दो दशक पहले यह झील पूरी तरह से विलुप्त हो गई। बीते दिनों जमीन को कब्जामुक्त कराया गया था। झील बनने से जल संचयन भी होगा।



