Bareilly News: पहली बार बदले हुए मार्ग से नगर भ्रमण करेंगे नंदलाल
बरेली। जन्माष्टमी पर शहर में निकाली जाने वाली दो प्रमुख शोभायात्राएं कुतुबखाना पुल निर्माण के कारण पहली बार बदले हुए मार्ग से गुजरेंगी। फिलहाल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की मंदिरों में विशेष तैयारियां चल रही हैं। झांकियों के लिए घोड़ा, पालकी, रथ और बैंड आदि बुक हो चुके हैं। शोभायात्राओं में भगवान के स्वरूप बनने वाले कलाकार वृंदावन से आ गए हैं।
शहर में करीब दर्जनभर शोभायात्राएं निकाली जाती है, मगर इनमें से कुछ एतिहासिक और भव्य हैं। पीलीभीत रोड प्रेमनगर स्थित श्रीकृष्ण लीला स्थल पर पांच सितंबर से श्रीकृष्ण लीला का मंचन शुरू हो रहा है। 16 सितंबर को शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह शोभायात्रा पिछले 505 वर्षों से निकाली जा रही है, लेकिन इसका कभी रूट नहीं बदला गया।
इस बार शोभायात्रा कुतुबखाना पुल निर्माण के चलते कोहाड़ापीर सब्जीमंडी से मुड़ने के बजाए कुम्हारों वाली गली से मुड़कर अपने गंतव्य की ओर से जाएगी। श्रीकृष्ण लीला कमेटी के संरक्षक विजय कृष्ण गोयल ने बताया कि कोई खास बदलाव नहीं, सिर्फ लगभग 200 मीटर का अंतर पड़ रहा है। वह भी इस बार यह अस्थायी व्यवस्था है।
इसी तरह जन्माष्टमी के तीसरे दिन जया एकादशी पर श्रीगंगा महारानी शोभायात्रा निकाली जाती है। 94 वर्ष पुरानी शोभायात्रा के रूट में भी इस बार थोड़ा बदलाव किया है। वापसी में नावल्टी से यह शोभायात्रा कुतुबखाना घंटाघर की ओर से जिला परिषद मार्ग होकर बिहापुर के रास्ते मलूकपुर के श्रीगंगा मंदिर पहुंचती थी, परंतु इस बार नावल्टी से सीधे जीआईसी मार्ग होकर जिला परिषद रोड पर आएगी।
श्रीगंगा महारानी पुष्पधा कमेटी के अध्यक्ष सुमित सैनी ने बताया कि यह स्थायी बदलाव है, इससे कोई दिक्कत नहीं है। शोभायात्रा में इस बार झांकियों के 50 रथ और पांच बैंड और डीजे आदि होंगे। इसे लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
दधिकांदो शोभायात्रा के मार्ग यथावत
उधर, पुराना शहर के कटरा चांद खां स्थित मौर्य मंदिर से 135 वर्षों से निकाली जा रही दधिकांदो शोभायात्रा के रूट में कोई बदलाव नहीं हो रहा है। जन्माष्टमी के अगले दिन निकाली जाने वाली इस शोभायात्रा की तैयारियां जोर से चल रही हैंं। चंद्र नगर धार्मिक समिति के उपाध्यक्ष दिनेश कुमार दद्दा ने बताया कि शोभायात्रा में दर्जनभर झांकियां और बैंड आदि शामिल होंगे। इसमें रथ पर विराजमान होने स्वरूपों के कलाकार वृंदावन से आ चुके हैं।



