Bareilly News: सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं छात्र, पहचान बनाने के लिए कर रहे संघर्ष
बरेली। छात्र जीवन बेहद महत्वपूर्ण होता है। सही दिशा मिलने पर यह कॅरिअर को बुलंदियों पर पहुंचा देता है। शहर के कुछ होनहार ऐसे हैं, जिन्होंने पढ़ाई के साथ खेल और स्टार्टअप के माध्यम से खुद को विभिन्न क्षेत्रों में खुद को स्थापित किया है। अंतरराष्ट्रीय छात्र दिवस पर समाज में विशिष्ट पहचान बनाने वाले ऐसे ही छात्रों से बातचीत की गई। उनसे पढ़ाई और कार्य के बीच समन्वय के बारे में पूछा गया। इस पर उन्होंने अलग-अलग विचार व्यक्त किए। पेश है एक रिपोर्ट…।
स्टूडेंट का स्टार्टअप
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग संकाय के कंप्यूटर साइंस एवं इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी विभाग के छात्र रोजकमल और उनके साथी युवराज सिंह ने बिजनेस स्टार्टअप स्थापित किया है। उनकी कंपनी क्रोटो क्रिएटर लैब्स प्राइवेट लिमिटेड कुछ ही समय में गुणवत्तापूर्ण स्टडी मैटेरियल तैयार कर देती है। इसके साथ ही यह पेमेंट्स, मेल, एनालिटिक को भी हैंडल करती है। कंपनी की नेटबर्थ सात करोड़ रुपये है। पढ़ाई और स्टार्टअप के बीच समन्वय के सवाल पर बताया कि अगर अपनी पसंद का काम करेंगे तो वह आसान हो जाएगा। पढ़ाई से जो समय बचता है, उसमें स्टार्टअप संभालते हैैं।
जज्बा हो तो सबकुछ संभव
सेपकटकरा के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी लकी ने बताया कि उन्होंने 2018 में अंतरराष्ट्रीय मैच में गोल्ड मेडल हासिल किया था। उसके बाद पंजाब यूनिवर्सिटी में दाखिला ले लिया। 2023 में उत्तर प्रदेश की ओर से बतौर कप्तान राष्ट्रीय गेम्स में प्रतिभाग किया था। वहां क्वार्टर फाइनल मैच में टीम बाहर हो गई थी। वह बताते हैं कि पढ़ाई और खेल के बीच समन्वय बनाना थोड़ा चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन मन में कुछ करने का जज्बा हो तो बाधाएं घुटने टेक देती हैं।
सफर में करती हैं पढ़ाई
विश्वविद्यालय में एमए की छात्रा दीक्षा ने इसी वर्ष हांगझाऊ में हुए एशियन गेम्स में 1500 मीटर प्रतिस्पर्धा में राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया है। वह बताती हैं कि खेल के लिए काफी समय देना होता है। पढ़ाई भी बहुत जरूरी है, ऐसे में ट्रेनिंग के बीच में समय मिलने पर पढ़ाई करती हूं। साथ ही सफर के दौरान भी पढ़ाई करने का समय मिल जाता हैै। कामयाब होने के लिए मेहनत ही एकमात्र रास्ता है।
पढ़ाई पर रहता है फोकस
2022 में एनएसएस के सर्वोच्च राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित होने वाले मोहित शर्मा रुहेलखंड विश्वविद्यालय के छात्र हैं। वह वर्तमान में मास्टर इन सोशल वर्क की पढ़ाई कर रहे हैं। वह बताते हैं कि समाज के लिए कुछ करने का जज्बा मन में हो तो कोई समस्या नहीं आती है। पढ़ाई पर भी उनका उतना ही ध्यान रहता है जितना समाज सेवा पर। छात्र के तौर पर पढ़ाई पर हमेशा फोकस रहता है।
छात्र दिवस का इतिहास
विश्वभर में प्रति वर्ष 17 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय छात्र दिवस मनाया जाता है। इसका इतिहास चेकोस्लोवाकिया की राजधानी प्राग से जुड़ा हैै। 1939 में यहां के कुछ हिस्सों पर नाजियों का शासन था। उस समय प्राग के विद्यार्थियों और अध्यापकों ने नाजियों के खिलाफ प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान नाजियों की गोलियों सेे एक छात्र की मौत हो गई थी। इसके बाद भी प्रदर्शन जारी रहा। 17 नवंबर, 1939 को सैनिकों ने कई छात्रों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें से नौ को फांसी दे दी गई। इस पर सभी शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया गया। छात्रों की बहादुरी को देखते हुए दो साल बाद लंदन में हुई अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में 17 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय छात्र दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया था।


