अव्यवस्था : कक्ष से नदारद रहे डॉक्टर, कतार में तड़पते रहे मरीज
बरेली। दिवाली की छुट्टियां खत्म होने के बाद बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी खुली, लेकिन डॉक्टरों के नदारद रहने से मरीजों को परेशान होना पड़ा। पर्चा काउंटर, ओपीडी, लैब और दवा काउंटर पर मरीजों की लंबी कतार रही। इस दौरान नोकझोंक भी हुई।
बृहस्पतिवार को ओपीडी खुलने के निर्धारित समय से पहले ही कई मरीज पहुंच गए थे। सुबह आठ बजे पर्चा काउंटर खुलते ही मरीज डॉक्टर को दिखाने के लिए कतार में लग गए। दोपहर दो बजे तक 1,208 पर्चे बने। वहीं, पुराना पर्चा लेकर भी दवा और परामर्श के लिए 200 से ज्यादा मरीज पहुंचे थे। सुबह 11 बजे फिजिशियन कक्ष से उठकर कहीं चले गए। घंटेभर इंतजार के बाद मरीजों और तीमारदारों ने आक्रोश जताया। एडी एसआईसी के पास पहुंचकर अपनी परेशानी बताई। तब पता चला कि डॉक्टर राउंड पर हैं। जल्द आ जाएंगे।
दोपहर 12.30 बजे डॉक्टर लौटे और उन्होंने मरीजों को देखना शुरू किया। इधर, दवा काउंटर पर भी लंबी कतार लगी रही। वहीं, पहले जांच कराने के लिए लैब में भी मरीजों के बीच धक्कामुक्की होती रही।
लिवर, किडनी की जांचें रहीं प्रभावित
बुधवार को खराब हुई बाॅयोकेमिस्ट्री टेस्ट मशीन 24 घंटे बाद भी दुरुस्त नहीं हो सकी। इसके चलते लिवर (लिवर फंक्शन टेस्ट) और किडनी (किडनी फंक्शन टेस्ट) की जांचें प्रभावित रहीं। दोपहर एक बजे तक एलएफटी और केएफटी संबंधित 40 सैंपल महिला अस्पताल की लैब में जांच के लिए भेजे गए। वहीं, बुधवार को हुई जांच की रिपोर्ट बृहस्पतिवार को मरीजों को दी गई।
वायरल, आंख और त्वचा के मरीज बढ़े
ओपीडी में पहुंचे मरीजों में सर्वाधिक तादाद वायरल बीमारियों के साथ आंख और त्वचा के मरीजों की रही। ज्यादातर मरीजों को सर्दी, जुकाम, बुखार, सूखी खांसी, आंखों में जलन, पानी निकलने, लाल होने और त्वचा में खुजली, चकत्ते पड़ने की समस्या रही। जोडों में दर्द, चलने फिरने में असमर्थता, कमजोरी, सुन्नपन, दुर्घटनाग्रस्त मरीज आर्थोपेडिक चिकित्सक के पास पहुंचे थे।
300 बेड अस्पताल में बने छह सौ पर्चे
तीन सौ बेड अस्पताल की ओपीडी भी पांच दिन बाद दोपहर दो बजे तक खुली। इसमें करीब छह सौ पर्चे बने। डॉ. पवन कपाही के मुताबिक वायरल बीमारियों के मरीज ज्यादा पहुंचे थे। आंखों के मरीजों की तादाद भी खासी रही। बुखार के मरीजों की लक्षणों के आधार पर डेंगू, मलेरिया, टाइयफाइड की जांच कराई गई। संदिग्धों के सैंपल जिला अस्पताल भेजे गए हैं।
वर्जन
डॉक्टरों के ओपीडी में न होने शिकायत मिली थी। वे इमरजेंसी में गंभीर मरीजों को देखने गए थे। एक डॉक्टर राउंड पर थे। कुछ देर बाद दोनों डॉक्टर ओपीडी में आ गए। बाॅयोकेमिस्ट्री टेस्ट मशीन ठीक की जा रही हैं। – डॉ. अलका शर्मा, एडी एसआईसी



