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Bareilly News: अफसरों ने माना, सड़कों की धूल से ही हवा में घुल रहा जहर

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बरेली। शहर की जर्जर सड़कों से उड़ रही धूल ही वायु प्रदूषण की प्रमुख वजह है। जिला वृक्षारोपण समिति, जिला पर्यावरण समिति व जिला गंगा समिति की बैठक में नगर निगम के चीफ इंजीनियर ने डीएम को यह जानकारी दी। चीफ इंजीनियर दिलीप कुमार शुक्ला ने बताया कि वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनकेप) से मिले बजट से इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछ रही हैं। स्मोक गन, कंसट्रक्शन एंड डेवलपमेंट वेस्ट कलेक्शन के लिए वाहन की खरीद, सड़कों के किनारे पौधरोपण व वाटिका विकास आदि कार्य चल रहे हैं।

डीएम रविंद्र कुमार ने भविष्य में एनकेप के तहत नगर निगम के मुख्य चौराहों के खाली स्थान पर मियावाकी पद्धति से पौधरोपण कराने के निर्देश दिए। वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए पाकड़, पीपल, बरगद आदि के पौधे लगाने को कहा। अपर नगर आयुक्त को स्थान चयन कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। नदियों को प्रदूषणमुक्त बनाने के लिए समन्वय समिति गठित करने को कहा। साप्ताहिक आरती कराने का सुझाव भी दिया।

नगर निगम के चीफ इंजीनियर ने ठोस अपशिष्ट निस्तारण के लिए सथरापुर में निर्माणाधीन सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के चारों ओर 200 मीटर दायरे में बीडीए की ओर से बफर जोन बनाने के बारे में बताया। इसमें कोई निर्माण नहीं होगा। इसमें हरित पट्टी विकसित की जाएगी। डीएम ने मास्टर प्लान के प्रावधान के अनुसार निर्माण कराकर आपत्तियों पर सुनवाई के लिए एडीएम प्रशासन को नामित किया। जल निगम के सहायक अभियंता को सराय तल्फी में बन चुके सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए।

सूखे पौधों की जगह नए रोपे जाएं

डीएम ने सभी विभागों को पूर्व में रोपे गए पौधों की जांच कराने, माह के तीसरे बुधवार को वृक्ष संरक्षण दिवस के रूप में मनाने के निर्देश दिए। जहां पौधे सूख गए हैं, वहां नए पौधे लगाने और पौधरोपण स्थल की गणना पंजिका बनाने के निर्देश दिए। आगामी पौधरोपण लक्ष्य की पूर्ति के लिए अभी से माइक्रोप्लान बनाकर कार्ययोजना में शामिल करने के निर्देश दिए।

राजेंद्रनगर की हवा हुई जहरीली, एक्यूआई 204

बरेली। बढ़ते वायु प्रदूषण की वजह से आवासीय इलाके की हवा भी अब सांस लेने लायक नहीं रही। बृहस्पतिवार को राजेंद्रनगर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 204 दर्ज हुआ। इधर, सिविल लाइंस का ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम फिर खराब हो गया। शहर का एक्यूआई 204 रहा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी रोहित सिंह के मुताबिक व्यावसायिक और आवासीय इलाके में वायु प्रदूषण का स्तर मापने के लिए मॉनिटरिंग सिस्टम लगे हैं। सिविल लाइंस व्यावसायिक क्षेत्र और राजेंद्र नगर आवासीय इलाका है। यहीं की रिपोर्ट के आधार पर शहर के वायु की गुणवत्ता का निर्धारण होता है। बृहस्पतिवार को सिविल लाइंस का अनुमानित एक्यूआई 230 के करीब रहा। ब्यूरो


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