Bareilly News: पिछले साल के मुकाबले आधी ही हुई धान खरीद
बरेली। धान की सरकारी खरीद पिछले वर्ष के मुकाबले अब तक आधी ही हो सकी है। क्रय केंद्र सूने पड़े हुए हैं। मंडी में भी आवक कम हो गई है। अब उन कारणों का विश्लेषण किया जा रहा है, जिनकी वजह से किसानों ने क्रय केंद्रों का रुख नहीं किया और खुले बाजार में धान बेचा।
कॉमन धान का समर्थन मूल्य इस वर्ष 2183 रुपये प्रति क्विंटल घोषित है, जबकि खुले बाजार में यह 2100 रुपये के हिसाब से खरीदा जा रहा है। सरकारी खरीद अधिक कीमत पर होने के बावजूद जिले में 151 क्रय केंद्र लगभग सूने ही रहे। वहीं, खुले बाजार में धान बेचने के लिए किसानों की भीड़ लगी रही। पिछले वर्ष छह दिसंबर तक जिले में 90,000 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी थी, लेकिन इस बार 48,000 मीट्रिक टन ही धान खरीदा जा सका है।
सरकारी क्रय केेंद्रों के कर्मचारी पहले सीधे मुंह बात नहीं करते थे, लेकिन अब उन्हेें किसानों को फोन करके बुलाना पड़ रहा है। पिछले वर्ष धान का समर्थन मूल्य 2040 रुपये प्रति क्विंटल था और खुले बाजार में 1600-1700 रुपये भाव था। कीमतों में बड़ा अंतर होने के कारण सरकारी धान खरीद का लक्ष्य गत वर्ष आसानी से पूरा हो गया था, लेकिन इस बार 1,83,000 मीट्रिक टन का लक्ष्य पूरा करने में कर्मचारी और अधिकारी पसीना छोड़ रहे हैं।
किसानों की बेरुखी की अहम वजहें
आढ़ती और राइस मिलर्स के यहां भुगतान हाथों हाथ मिलता है। सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचने के बाद भुगतान के लिए कम से कम 72 घंटे इंतजार करना पड़ता है। आढ़तिये किसान के घर से धान खरीद कर ले जाते हैं और भुगतान भी दे जाते हैं। क्रय केंद्र के लिए पंजीकरण अनिवार्य है। इस बार बाजार भाव और समर्थन मूल्य में मात्र 83 रुपये का ही अंतर है। किसान दस्तावेजी प्रक्रिया में फंसना नहीं चाहते। इसलिए आढ़तियों को धान बेचना पसंद करते हैं।
धान बेचना है तो इन नंबरों पर करें कॉल
0581-4002279, 7839565063
वर्जन
हम लक्ष्य पूर्ति में जुटे हैं। प्रधानों से संपर्क कर रहे हैं। किसानों से फोन काॅल करके धान लाने का आग्रह कर रहे हैं। उम्मीद है कि लक्ष्य पूर्ति होगी। -कमलेश पांडेय, डिप्टी आरएमओ



