Bareilly News: यात्री ट्रेनें खचाखच, अतिरिक्त कोच से रेलवे को मिले सात करोड़
बरेली। ट्रेनों में जनरल और स्लीपर श्रेणी के कोचों की संख्या लगातार घटाई जा रही है। लंबी दूरी के यात्रियों को मजबूरन कई गुना ज्यादा किराया देकर एसी कोचों में यात्रा करनी पड़ रही है। अगस्त में रक्षाबंधन समेत कई त्योहारों के बीच उत्तर रेलवे मुरादाबाद मंडल ने ट्रेनों में जनरल और स्लीपर श्रेणी के अतिरिक्त कोचा लगाकर 7.68 करोड़ रुपये जुटाए हैं।
कोराना काल के बाद ट्रेनों में जनरल कोचों की संख्या चार से घटाकर दो कर दी गई है। स्लीपर कोचों की संख्या सात से घटाकर चार कर दी गई है। जब-जब रेलवे ट्रेनों में अतिरिक्त जनरल कोच लगाता है, आमदनी में भी इजाफा होता है। मुरादाबाद मंडल के वाणिज्य विभाग की ओर से अगस्त में मिले राजस्व के आंकडों से साफ होता है कि ट्रेनों पर यात्रियों का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
अगस्त में आरक्षित और अनारक्षित टिकटों की बिक्री से रेलवे को 78.03 करोड़ रुपये मिले। अगस्त 2022 की तुलना में यह 11 फीसदी ज्यादा है। अतिरिक्त कोचों की कमाई पिछले वर्ष की तुलना में 10.5 फीसदी ज्यादा है।
एसी कोच की स्थिति भी स्लीपर जैसी
एसी श्रेणी के कोचों में यात्रा करने वाले यात्रियों की भी लगातार शिकायतें रहती हैं। जनरल और स्लीपर कोच कम होने के कारण एसी श्रेणी के कोचों में क्षमता से कई गुना ज्यादा यात्रियों के कारण इनकी स्थिति भी स्लीपर जैसी नजर आती है।
वर्जन
अनारक्षित व आरक्षित टिकट, मालभाड़ा, अतिरिक्त कोच और अन्य मदों से अगस्त 2023 में 141.61 करोड़ रुपये की आय हुई है। यह आय अगस्त 2022 की तुलना में सात फीसदी ज्यादा है। अतिरिक्त कोच लगाने से 11.8 फीसदी अधिक आय हुई है। – सुधीर सिंह, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक



