Bareilly News: ओपीडी से डॉक्टर नदारद, भटकते रहे मरीज
शेरगढ़। क्षेत्र में मलेरिया के सबसे अधिक केस होने के बावजूद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर व्यवस्थाएं बेपटरी हैं। सोमवार को यहां ओपीडी में मरीज भटकते दिखे। कई डॉक्टर अपने कक्ष में मौजूद नहीं थे। एक कक्ष का दरवाजा अंदर से बंद था। मरीजों का कहना है कि डॉक्टर अंदर मौजूद थे मगर उन्होंने मरीजों की जांचकर परामर्श नहीं दिया। अव्यवस्था के चलते सोमवार को सीएचसी पहुंचे कई मरीजों को बिना इलाज के ही लौट जाना पड़ा।
दोपहर करीब एक बजे सीएचसी बड़ी संख्या में मरीज पर्चा बनवाने के बाद भटकते नजर आए। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी के कक्ष पर ताला लटका हुआ था। ओपीडी का एक कक्ष अंदर से बंद था। मरीजों का कहना था कि अंदर डॉक्टर मौजूद हैं। जानबूझकर कमरा अंदर से बंद कर दिया गया है ताकि मरीज बिना इलाज के ही लौट जाएं। मरीजों के साथ आए तीमारदारों ने दरवाजा खुलवाने का प्रयास भी किया, मगर अंदर से कोई जवाब नहीं मिला।
इसके बाद मरीज लौट गए। कुछ लोगों ने नाराजगी भी जताई। सुनवाई न होने पर वह भी लौट गए। मरीजों ने बताया कि सीएचसी पर चारो ओर अव्यवस्थाएं हैं। शौचालय में गंदगी की वजह से वहां रुकना मुश्किल हो रहा था। साफ-सफाई की स्थिति भी बदहाल थी।
लापरवाही: खुले में फेंक दिया मेडिकल वेस्ट
सीएचसी पर मेडिकल वेस्ट का निस्तारण भी नियमानुसार नहीं किया जा रहा। इससे लोगों में संक्रमण का खतरा है। सोमवार को यहां कूड़े के ढ़ेर में इस्तेमाल की हुई सिरिंज, पट्टियां व अन्य सामग्री पड़ी नजर आई। यह लोगों के लिए हानिकारक साबित हो सकती है। इसके बाद भी खुलेआम मेडिकल वेस्ट को फेंककर स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अस्पताल आने वाले मरीजों और तीमारदारों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
ओपीडी का जो कक्ष अंदर से बंद होने की बात कही जा रही है, उसमें कुंडी अंदर की ओर ही है। वहां डॉक्टर मौजूद नहीं थे। अगर मेडिकल वेस्ट खुले में फेंका गया है तो यह गंभीर है। मामले को दिखवाया जाएगा। – गजेंद्र सिंह, प्रभारी चिकित्साधिकारी



