Bareilly News: सड़कों में गड्ढे, शासन में हिचकोले खा रहे मरम्मत के प्रस्ताव
बरेली। जिले की बदहाल सड़कें लोगों को जख्म दे रही हैं। बार-बार शिकायत के बाद भी इनकी मरम्मत नहीं हो पा रही। अभियंता एस्टीमेट व प्रस्ताव दिखाकर पल्ला झाड़ लेते हैं। शासन से इन प्रस्तावों को स्वीकृति नहीं मिलने की वजह से जनता परेशानी झेल रही है। विभाग के पास हर महीने 100-110 शिकायतें पहुंच रही हैं। सड़कों को गड्ढामुक्त करने का भियान भी बेअसर साबित हो रहा है।
जिले में लोक निर्माण विभाग की 182 सड़कें बदहाल हैं। इनका अधिकतर हिस्सा उखड़ गया है। जगह-जगह गड्ढे होने की वजह से आवागमन मुश्किल हो गया है। इनकी तत्काल मरम्मत कराए जाने की जरूरत है। लोक निर्माण विभाग ने अगस्त में इन सभी सड़कों की विशेष मरम्मत का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा था। इनमें से सिर्फ 82 सड़कों को बनाए जाने की मंजूरी मिली। 100 सड़कों की मरम्मत के प्रस्ताव की फाइलें शासन में धूल फांक रही हैं। जनता तकलीफ झेल रही है। अगर हादसे से बचना है तो खुद ही संभल कर चलिए। शिकायत पर अभियंता रटारटाया जवाब दे देते हैं कि एस्टीमेट भेज दिया है। बजट मिलने पर काम होगा।
सड़कों के निर्माण और उनको गड्ढामुक्त करने का अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। चरणबद्ध तरीके से स्वीकृति आ रही हैं और काम कराए जा रहे हैं। जो शिकायतें जनसुनवाई पोर्टल पर आती हैं, उनसे जुड़ी करीब 50 फीसदी सड़कों के मरम्मत की मंजूरी आ चुकी है। जो रह गई हैं, उनके लिए प्रक्रिया चल रही है। जैसे ही मंजूरी मिलेगी, निर्माण कराएंगे। – नारायण सिंह, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
यह है हाल
– नवाबगंज तहसील में रपनंदपुर से भूड़ा रामनगरिया मार्ग का 2.5 किलोमीटर हिस्सा दो वर्ष टूटा पड़ा है। आसपास के 50 से अधिक गांवों के लोग परेशानी झेल रहे हैं। सुरेश चंद्र गंगवार ने आईजीआरएस पोर्टल पर कई बार शिकायत की, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
– बहेड़ी शुगर मिल से रंपुरा तक दो किमी सड़क आठ वर्ष से खराब है। एक फुट तक गहरे गड्ढे हो गए हैं। आवागमन के दौरान हादसे का खतरा रहता है। रंपुरा के राजसिंह ने बताया कि जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को अवगत कराया पर निर्माण नहीं हो सका।
– बहेड़ी क्षेत्र में रंपुरा से मितापुर जागीर तक की सड़क वर्ष 2009 में बनी थी जो तीन वर्ष में ही टूट गई। अब 11 वर्ष से लोग टूटी सड़क से ही आते-जाते हैं। ग्रामीण अगर इसकी शिकायत करते हैं तो बदले में सिर्फ आश्वासन मिलता है। आज तक इसका निर्माण नहीं हो सका।
– शहर के सेटेलाइट बस अड्डे से चार किलोमीटर दूर स्थित बराकासपुर गांव की सड़क शहर के ट्रांसपोर्टनगर से शुरू होकर धारुपुर गांव तक जाती है। इसकी लंबाई 1.5 किलोमीटर है। सात गांवों के लोग इससे होकर गुजरते हैं। सड़क तीन वर्ष से टूटी पड़ी है। मरम्मत नहीं हो पा रही।
धूल की वजह से जीना मुश्किल
सड़क टूटी होने से गर्मी में धूल उड़ती है। बारिश में पानी भर जाता है। धूल व प्रदूषण की वजह से घरों में रहना मुश्किल हो गया है। कब तक सड़क बनेगी? यह बताने वाला कोई नहीं है। – प्रेमपाल सिंह, रंपुरा
जिन सड़कों पर वीआईपी आते-जाते हैं, उन्हें तो बनाया गया, लेकिन सामान्य नागरिकों वाली सड़कें छोड़ दी गईं। पर हम नाउम्मीद नहीं हुए हैं। इसलिए बार-बार मरम्मत की मांग कर रहे हैं। – जयदीप सिंह, रंपुरा



