Bareilly News: असंतुलन की पाठशाला… कक्षाएं बेजार कहीं शिक्षकों से गुलजार
बरेली। जिले के परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की कमी का मामला किसी से छिपा नहीं है। इसके बाद भी अव्यवस्था का आलम बरकरार है। शहर के अन्य स्कूलों में जहां शिक्षकों का टोटा है, वहीं फतेहगंज पश्चिमी ब्लॉक के मॉडल कंपोजिट विद्यालय फतेहगंज प्रथम में 42 शिक्षक तैनात हैं। इसमें 35 सहायक अध्यापक, एक प्रधानाध्यापक, तीन शिक्षामित्र और तीन अनुदेशक शामिल हैं। स्कूल में 450 विद्यार्थी पंजीकृत हैं।
हाल में स्कूल के जर्जर भवन को ध्वस्त कर उसे पास के विद्यालय फतेहगंज द्वितीय में स्थानांतरित किया गया है। दो कमरों में ही आठवीं तक की कक्षाएं लग रही हैं। स्कूल के रसोईघर में बाल वाटिका लगाई जा रही है। शिक्षकों ने भी इस व्यवस्था पर अफसोस जाहिर किया है। उनका कहना है कि अफसरों को पूरी स्थिति पता है। वह मामले पर गोलमोल बातें करते हैं, लेकिन अतिरिक्त शिक्षकों के तबादले के लिए अब तक कोई प्रयास नहीं किया गया है। संवाद
छात्र संख्या भी हो रही कम
विद्यालय में साल-दर साल शिक्षक बढ़ रहे हैं, लेकिन छात्र संख्या घट रही है। साल 2022 में स्कूल में 582 विद्यार्थी पंजीकृत थे। साल 2023 में नए दाखिलों के बाद भी यह संख्या 450 के करीब है।
निपुण लक्ष्यों में भी फेल
अधिक शिक्षक होने के बाद भी विद्यालय निपुण लक्ष्यों की सूची में जगह नहीं बना सका है। 450 में से महज 150 बच्चे ही नियमित स्कूल आते हैं। छात्र संख्या के हिसाब से 10 बच्चों पर एक शिक्षक तैनात हैं, लेकिन उपस्थिति के अनुसार देखा जाए तो एक शिक्षक के हिस्से में दो-तीन बच्चे ही आएंगे। इसके बाद भी निपुण लक्ष्यों की स्थिति बेहद खराब है।
मानक बनाम वास्तविकता
मानक के मुताबिक 30 बच्चों पर एक शिक्षक की तैनाती जरूरी है, जबकि इस स्कूल में सिर्फ दस बच्चों पर एक शिक्षक तैनात हैं। शहर के अन्य स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती के नाम पर मानक का मजाक उड़ाया जा रहा है। नगर क्षेत्र के 66 स्कूल ऐेसे हैं जहां एक ही शिक्षक पर 150-350 विद्यार्थियों की जिम्मेदारी है। शिक्षक नेताओं ने भी इसे व्यवस्था के साथ मजाक बताया है।
पिछले कई साल से विद्यालय में ज्यादा शिक्षक तैनात हैं। इस बार तबादले की प्रक्रिया में शिक्षकों को आवेदन करने के लिए कहा गया है। इसकी प्रक्रिया पोर्टल के माध्यम से ही पूरी होगी। इसी के तहत अतिरिक्त शिक्षकों का दूसरे स्कूलों में तबादला किया जाएगा। – प्रियांशी सक्सेना, खंड शिक्षा अधिकारी
कुछ साल से समायोजन नहीं हुआ है। समायोजन होेने पर ही शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में शिफ्ट किया जा सकता है। पहले स्कूल में छात्र संख्या अधिक थी, जो अब कम हुई है। दूसरा एक पहलू यह भी है कि संख्या 40 नहीं मान सकते, क्योंकि शिक्षामित्र और अनुदेशकों को नहीं गिना जाता है। – विनय कुमार, बीएसए



