Bareilly News: खतरे में नौनिहाल… अनफिट वाहनों में छात्र-छात्राओं को ढो रहे स्कूल संचालक
बरेली। स्कूल संचालक छात्र-छात्राओं को स्कूल लाने और घर पहुंचाने में अनफिट वाहनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इनमें जमकर ओवरलोडिंग भी की जा रही है। छात्र-छात्राओं की जान खतरे में डालने वाले स्कूलों में बरेली और बदायूं के कई नामी स्कूल शामिल हैं। बरेली में अनफिट स्कूल वाहनों की संख्या सबसे ज्यादा है।
स्कूल वाहनों की स्थिति परखने के लिए परिवहन विभाग की ओर से एक से पांच सितंबर तक मंडल स्तर पर अभियान चलाया गया। इस दौरान बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर में 176 स्कूल वाहनों की जांच की गई। इनमें 30 स्कूल वाहन मानक पर खरे नहीं उतरे। 16 स्कूल वाहन बिना फिटनेस के दौड़ते पाए गए। इसमें बरेली के सर्वाधिक नौ और बदायूं के चार वाहन शामिल हैं। पीलीभीत और शाहजहांपुर में एक-एक वाहन बिना फिटनेस के चलते पाए गए। स्कूल अभिभावकों से वाहन शुल्क के नाम पर मोटी फीस वसूलते हैं, लेकिन छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को दरकिनार कर देते हैं।
पांच दिन के अभियान के दौरान सात वाहनों में क्षमता से ज्यादा छात्र-छात्राएं मिले। बरेली में 85 वाहनों की जांच की गई। इनमें 14 वाहन मानक के अनुरूप नहीं पाए गए। यहां 25 वाहनों का चालान किया गया। बदायूं में छह, पीलीभीत में तीन और शाहजहांपुर में चार स्कूल वाहनों का चालान किया गया।
बरेली में पांच स्कूल वाहनों को सीज किया
चेकिंग के दौरान बरेली में पांच स्कूल वाहनों को सीज कर संचालकों से 20 हजार रुपये जुर्माना भी वसूल किया गया। बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत में जिस समय वाहनों को चेक किया गया, उस समय विद्यार्थी उसमें सवार थे। इसलिए उनको सीज नहीं किया जा सका।
स्कूल संचालकों को नोटिस
परिवहन विभाग ने मंडल के सभी स्कूल संचालकों को नोटिस जारी कर मानक पूरे करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। आरटीओ दिनेश कुमार ने सभी जिलों के एआरटीओ प्रशासन और एआरटीओ प्रवर्तन को एक सप्ताह बाद बिना मानक के दौड़ रहे स्कूल वाहनों को सीज करने व पंजीकरण रद्द करने के निर्देश दिए हैं।
वर्जन
मंडल स्तर पर 176 स्कूल वाहनों की चेकिंग की गई। 38 स्कूल वाहन ऐसे मिले हैं जो मानकों को पूरा नहीं कर रहे थे। 16 वाहन बिना फिटनेस के सड़कों पर दौड़ते मिले। स्कूल संचालकों को नोटिस दिया गया है। – दिनेश कुमार, आरटीओ प्रवर्तन



