बरेली

Bareilly News: निर्माण में देरी का खामियाजा भुगत रहे दुकानदार, चौपट हो रहा व्यापार

Connect News 24

बरेली। 105 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे कुतुबखाना पुल का निर्माण जून 2023 तक पूरा होना था। सेतु निगम ने निजी फर्म को काम सौंपा है। फर्म ने साइट खाली न मिलने की बात कहते हुए दिसंबर 2023 तक का समय मांगा है। निर्माण की सुस्ती को देखकर ऐसा लग नहीं रहा। काम मार्च तक खिंचेगा। अभी कागजों पर समयावधि नहीं बढ़ाई गई है।

इससे जहां बंद रास्तों पर जोखिम लेकर लोग आ-जा रहे हैं, वहीं व्यापार भी चौपट हो रहा है। दुकानों पर काम कर रहे सेल्समैन, श्रमिकों और पटरी दुकानदारों का जीवन प्रभावित हो रहा है। बिक्री घटने से रोजमर्रा के खर्चे नहीं निकल पा रहे हैं। काम में देरी होने पर कार्यदायी फर्म पर 76 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। सेतु निगम के महाप्रबंधक ने बताया कि काम में और देरी हुई तो फिर जुर्माना लगाएंगे।

कोट

साइट पर लोगों का आवागमन जारी होने के कारण तीन दिन का काम पांच दिन में हो पाता है। दोनों तरफ आबादी का क्षेत्र होने से पर्याप्त स्थान नहीं मिल पाता। साइट खाली न मिलने की वजह से देरी हुई है। अब दिसंबर 2023 तक काम पूरा कराने की कार्ययोजना तैयार की गई है। उम्मीद है कि संसाधन बढ़ाकर निजी फर्म दिसंबर तक काम पूरा कर देगी। – केएन ओझा, महाप्रबंधक, सेतु निगम

ये है हाल

समय 12:10 बजे

स्थान: कोहाड़ापीर

ग्राहक न आने की वजह से कई दुकानदार खाली बैठे थे। दुकानदारों ने बताया कि पुल का निर्माण पूरा हो तो कारोबार को रफ्तार मिले। इसी का इंतजार है। एक-एक दिन वित्तीय संकट में कट रहा है।

समय 12:30 बजे

स्थान : कोतवाली

रोहन चावला का रेस्टोरेंट खाली पड़ा है। सामान्य दिनों में यहां बैठने के लिए लोग इंतजार करते हैं। रोहन ने बताया कि जिस हिस्से में काम होना है, उसी को आवागमन के लिए बंद किया जाए तो ऐसा हाल नहीं होगा।

दुकानदारों का दर्द

कोतवाली से घंटाघर की ओर 150 मीटर लंबा अप्रोच मार्ग बनाया गया। अगर पिलर पर अप्रोच मार्ग होता तो मार्केट की शोभा बनी रहती। – जवाहर लाल

दो महीने से मेरे लोन की किस्त नहीं जमा हो पा रही है। कारोबार ठंडा चल रहा है। बैंक में मेरा सिविल स्कोर भी खराब हो गया है। – मोहम्मद हबीब कुरैशी

भले ही एक मजदूर की मौत हो गई पर सुरक्षा को लेकर न लोग जागरूक हैं, न ही कार्यदायी फर्म। खतरे के बीच लोगों का आवागमन हो रहा है। – रोहित

जहां काम नहीं चल रहा, वहां भी रास्ता बंद कर दिया गया है। इसलिए ग्राहकों ने इस ओर आना ही बंद कर दिया है। दुकानें खाली पड़ी हैं। – रामसरन शर्मा

दिल्ली में जिस तरह मेट्रो का काम हुआ, उसी तरह यहां भी रात में काम करते तो दुकानें भी प्रभावित नहीं होतीं, बाजार भी गुलजार रहता। – अमित सक्सेना

अधिकतर काम रात में कराया जाना चाहिए। इससे न तो आवागमन प्रभावित होगा, न ही व्यापार पर असर पड़ेगा। काम भी तेजी से हो सकेगा। – सोनू


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