Bareilly News: 14 करोड़ से क्षमता वृद्धि नहीं कर पाए, सालभर में मरम्मत में 9.47 करोड़ गंवाए
बरेली। जिले में एक वर्ष में बिजली निगम के 4,703 ट्रांसफार्मर फुंके। इनकी मरम्मत पर 9.47 करोड़ रुपये खर्च हुए। कई ट्रांसफार्मर बार-बार फुंके और बदले गए पर क्षमता वृद्धि नहीं की गई। इससे जहां निगम को आर्थिक नुकसान हुआ, वहीं उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ी। इन ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि कर दी जाती तो लंबे समय तक परेशानी से निजात मिल सकती थी पर निगम ने इस पर ध्यान नहीं दिया। मरम्मत में ही बजट खपाते रहे।
मौजूदा समय में जिले के 861 ट्रांसफार्मर ओवरलोड हैं। इसमें से 10 केवीए के 34, 16 केवीए के 107, 25 केवीए के 248, 63 केवीए के 143, 100 केवीए के 90 ट्रांसफार्मरों पर ओवरलोडिंग की वजह से फुंकने का खतरा मंडरा रहा है। गर्मी से पहले अगर इनकी क्षमता वृद्धि कर दी जाती तो 14 करोड़ रुपये खर्च होते। न तो लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती, न ही अभियंताओं को बार-बार एस्टीमेट बनाना पड़ता।
ओवरलोडिंग को लेकर सर्वे पूरा हो गया है। एस्टीमेट भी बन गए हैं। क्षमता वृद्धि का काम चल रहा है। जो ट्रांसफार्मर ओवरलोड हैं, आने वाले कुछ ही दिनों में उनकी क्षमता वृद्धि हो जाएगी। – राजीव कुमार शर्मा, मुख्य अभियंता
एक वर्ष में दो बार फुंका ट्रांसफार्मर
लिलोरी गांव में 10 केवीए का ट्रांसफार्मर ओवरलोड होने से एक वर्ष में दो बार फुंका। क्षमता वृद्धि करके 25 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाया जाना था। जेई ने इसका प्रस्ताव भेजा लेकिन क्षमता वृद्धि नहीं हो सकी। आए दिन फाॅल्ट होते हैं। वोल्टेज भी ठीक नहीं रहता। उपभोक्ता परेशान हैं। अब अभियंताओं का कहना है कि टेंडर हो चुके है। आने वाले कुछ दिनों में क्षमता वृद्धि हो जाएगी।
बार-बार फुंक रहा करुआ साहिब का ट्रांसफार्मर
करुआ साहिब गांव में 63 केवीए का ट्रांसफार्मर लगा है। लोड अधिक होने से बार-बार फुंक जाता है। परेशान ग्रामीण कई बार जेई, एसडीओ, एक्सईएन से मिले। अधिशासी अभियंता पंकज भारती ने बताया कि 100 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाने के लिए एस्टीमेट मंजूर हो गया है। वित्तीय लिंकेज मिलते ही आवंटन होगा। ट्रांसफार्मर लगने पर ओवरलोडिंग खत्म हो जाएगी और शेड्यूल के मुताबिक आपूर्ति मिलेगी।



