Bareilly News: भूल गया सब कुछ, याद नहीं अब कुछ
बरेली। अगर कोई सामान, नाम, पता, चेहरा कई बार सामने आने के बाद भी बार-बार भूल रहे हैं तो यह सामान्य स्थिति नहीं बल्कि अल्जाइमर की शुरुआत हो सकती है। करीब पांच साल पहले सिर्फ बुजुर्गों की बीमारी कहे जाने वाले अल्जाइमर के लक्षण अब युवाओं में भी मिल रहे हैं।
यह जानकारी जिला अस्पताल मनकक्ष के मनोचिकित्सक डॉ. आशीष कुमार ने दी। उन्होंने बताया कि 60 साल से ज्यादा आयु के बुजुर्गों में ही यह बीमारी होती थी, लेकिन अब 30-40 साल के कई युवा मनकक्ष पहुंचकर भूलने की बीमारी का इलाज खोज रहे हैं। इसमें पुरुषों की तादाद महिलाओं से ज्यादा है। प्राथमिक काउंसलिंग में बदलती जीवन शैली और तनाव इसकी वजह बनने का पता चला है। कहा कि अगर शुरू में बीमारी का पता चल जाए तो इलाज मुमकिन है, देर होने पर मुश्किलें भी बढ़ने लगती हैं। क्योंकि शुरुआत में लोग इसे सामान्य समझकर ध्यान नहीं देते।
कहा कि अल्जाइमर भूलने की बीमारी है। इसके मरीज कहीं कुछ रखकर भूल जाते हैं, थोड़ी देर पहले कही बात उन्हें याद नहीं रहती। मनकक्ष में हर महीने औसतन 40 अल्जाइमर के मरीज पहुंचते हैं। हालांकि, इसमें 80 फीसदी बुजुर्ग और 20 फीसदी युवा शामिल रहते हैं।
मस्तिष्क कोशिका के नुकसान से होती है दिक्कत
डॉ. आशीष के मुताबिक भूलने की बीमारी दिमाग से जुड़ी है। जो मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचने से होती है। जो चोट की वजह से नहीं बल्कि अब तक के अध्ययन से पता चला है कि जीवनशैली तनावपूर्ण होने, शारीरिक कमजोरी, चिड़चिड़ापन और अत्यधिक गुस्सा इसकी वजह हो सकती है। नींद पूरी न होना भी इसका कारक हो सकता है। अब तक बीमारी का कोई सटीक इलाज नहीं मिला है।
नियमित व्यायाम करें
जीवनशैली में बदलाव कर कुछ हद तक इस बीमारी से बचा जा सकता है। बीमारी के शुरुआती लक्षणों पर बेहद ध्यान देने की जरूरत होती है। ताकि समय पर इलाज शुरू हो सके। इससे बचने के लिए धूम्रपान से दूरी बनाएं। नियमित व्यायाम करें। दिमाग की कसरत वाली गतिविधियों में प्रतिभाग करें। पौष्टिक आहार, एंटीऑक्सिडेंट का सेवन करें। सक्रिय सामाजिक जीवन बनाकर इससे कुछ निजात मिल सकती है।



