Bareilly News: शौचालय निर्माण में छठवां स्थान… कहीं भरे कंडे तो कहीं घरेलू सामान
बरेली। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण में व्यक्तिगत शौचालय के निर्माण में मंगलवार को जारी हुई प्रदेश स्तरीय रैकिंग में बरेली 69 जिलों को पछाड़ कर छठवें स्थान पर आया है। जमीनी हकीकत इससे अलग है। शौचालयों में कहीं कंडे भरे हैं तो कहीं घरेलू सामान। कुछ शौचालयों पर ताला लगा हुआ है। यह स्थिति तब है जब 2019 में जिला ओडीएफ घोषित हो चुका है। शौचालय होने के बावजूद कई परिवार प्रयोग नहीं कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में 75 जनपद हैं। व्यक्तिगत शौचालय के मामले में महोबा पहले, पीलीभीत दूसरे, ललितपुर तीसरे, रामपुर चौथे, वाराणसी पांचवें व बरेली छठे स्थान पर है। बरेली में इस वर्ष पहली अप्रैल 2023 से नवंबर तक 16398 व बीते वित्तीय वर्ष में 20,000 व्यक्तिगत शौचालय बनाए जाने थे, लेकिन सिर्फ 17566 शौचालय बने। व्यय के मामले में बरेली 85 प्रतिशत पर अटका, लेकिन इसी अवधि में दूसरे जनपद आगे निकल गए। पड़ताल के दौरान सिस्टम का भ्रष्टाचार उजागर हुआ। शौचालय तो बने, लेकिन गुणवत्ता सुनिश्चित नहीं हो सकी। 2009 से 2020 तक बने तमाम शौचालय टूट फूट चुके हैं।
कोट-
अगर किसी ने शौचालय के लिए सरकारी धन लिया और इस्तेमाल नहीं किया तो उस पर ग्राम पंचायत को जुर्माना लगाने का अधिकार है। ग्राम पंचायतों के सचिव और प्रधान इस जिम्मेदारी को निभाएं। जिनके शौचालय टूटे हैं, उनके लिए पांच हजार रुपये मरम्मत के लिए मिल सकते है। इसके लिए अपनी ग्राम पंचायत के सचिव से लाभार्थी को संपर्क करना है, लेकिन खुले में शौच के लिए जाना अपराध की श्रेणी में है। विभाग कार्रवाई करेगा। – धर्मेंद्र कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी
यह हाल है
शौचालय में भर दिया घरेलू सामान
विकास खंड शेरगढ़ के सुल्तानपुर गांव में 2017-18 में बनाए गए नन्हेराम के शौचालय में घरेलू सामान रखा है। लोग शौच के लिए खेत में जा रहे। इन्हें कोई रोकता और टोकता नहीं है। खेत मालिक आपत्ति कर रहे हैं, लेकिन कोई असर नहीं है।
जागरूकता के दावे धराशायी
शेरगढ़ विकास खंड के सुल्तानपुर में बेचेलाल के शौचालय में कबाड़ भर रखा है। यह स्थिति तब है जब स्वच्छता के प्रति जागरूकता पैदा करने में तमाम बजट खर्च हुआ। दावे किए गए कि लोग जागरूक हुए हैं। लोग खुले में शौच के लिए जा रहे हैं। जमीनी हकीकत यही है।
कंडे भर रखने के काम आ रहा है शौचालय
आंवला के रमनगला गांव में भूरे के घर बना व्यक्तिगत शौचालय एक वर्ष से टूटा पड़ा है। दरवाजा टूट गया। शौचालय का इस्तेमाल अब कंडे भर कर रखने के लिए किया जा रहा है।
शौचालय को स्टोर बनाया, घरेलू सामान भरा
भदपुरा ब्लाॅक के सूरजपुर परौरिया में सीमा देवी के घर बना शौचालय इतना घटिया था कि कुछ दिन में खराब हो गया। मरम्मत नहीं कराई गई। शौचालय को स्टोर बना लिया। लोग शौच के लिए बाहर जाते हैं।
ऐसा था निर्माण: दरवाजा टूटा, दीवारें हुईं जर्जर
भदपुरा ब्लाॅक के सूरजपुर परौरिया में दयाराम के घर में 12 हजार की लागत से शौचालय बनाया गया। कुछ दिन तक चला। अब दरवाजा टूटा है। दीवारें जर्जर हो गईं। घर के लोग शौच के लिए बाहर जा रहे हैं।


