Bareilly News: असफलता के तानों को नजरंदाज कर गढ़ी सफलता की कहानी
बरेली। कहते हैं सपनों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है। भोजीपुरा ब्लॉक की जाधोपुर के सेढ़ा ग्राम पंचायत की रहने वाली पुष्पा ने इसे चरितार्थ किया। पुष्पा टॉयलेटरीज (वॉशरूम में उपयोग होने वाले फिनाइल, साबुन, क्लीनर आदि) का काम करती हैं। परिवार की स्थिति बिगड़ी तो समूह में प्रशिक्षण लेकर खुद का रोजगार करने का फैसला किया। इसके बाद उन्होंने वॉशरूम में इस्तेमाल होने वाले उत्पादों की आपूर्ति का काम करना शुरू किया। लगातार असफलता के बाद भी दृढ़ इच्छाशक्ति की बदौलत काम को आगे बढ़ाया।
लोगों ने उड़ाया उपहास पर नहीं ढिगे कदम
पुष्पा बताती हैं कि शुरुआत में जब काम में असफलता मिली तो रिश्तेदारों के साथ आस-पास के लोगों ने उपहास उड़ाया। ताना भी मिला कि गांव की औरतों के बस की बात नहीं है रोजगार करना। इस दौर में सबसे कठिन रहा धैर्यपूर्वक प्रयास करना। मेहनत की बदौलत पुष्पा ने अपने काम को फिर से खड़ा किया। इतना ही नहीं, आस-पास की 10-12 महिलाओं को भी अपने साथ जोड़ा।
चुनौतियों ने नहीं छोड़ा साथ
काम शुरू करने से सफलता तक हर सफर में चुनौतियां रहीं। शुरुआत में पैसे की कमी और अकेले होने की वजह से काम में असफलता मिली। बाद में अन्य महिलाओं को जोड़ा तो उन्होंंने तैयार माल को बाजार में बेचने से इन्कार कर दिया। इस पर पहले खुद माल बेचने जाना शुरू किया। फिर एक-एक करके महिलाओं को साथ ले जाने के लिए तैयार किया। जब मुनाफे में से हिस्सा मिलता है और बाहर की दुनिया से सरोकार बढ़ा है तो महिलाएं खुद ही जाकर तैयार माल बेच आती हैं।
परिवार की जिम्मेदारियों में भी बराबरी से लेती हैं हिस्सा
पुष्पा बताती हैं कि जितना ज्यादा तैयार माल बिक जाता है उतना ज्यादा मुनाफा होता है। महज 24 हजार रुपये से काम की शुरुआत की थी। महीने में इतनी आय आराम से हो जाती है कि साथ काम करने वाली महिलाओं को उनका हिस्सा देेने के बाद अपने लिए भी पैसे बचा लेती हैं। अपना खर्च चलाने के साथ-साथ परिवार की भी मदद करती हैं। गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत हैं।



