बरेली

Bareilly News: अजब इंतजाम… न जांच लिखी जाएगी, न मरीज भटकेंगे

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Strange arrangement... neither test will be written, nor patients will wander

तीन सौ बेड अस्पताल में खराब पड़ी सीबीसी, बायो केमेस्ट्री और एक्सरे मशीन। – अमर उजाला

बरेली। तीन सौ बेड अस्पताल की ओपीडी मरीजों का दर्द बढ़ा रही है। जांच उपकरण खराब होने से चक्कर काट रहे मरीजों का मामला सुर्खियां बना तो जिम्मेदाराें ने व्यवस्था दुुरुस्त कराने के बजाय संंबंधित उपकरण से होने वाली जांच ही लिखनी बंद कर दी है। नतीजा, नौ सौ से ज्यादा मरीजों की ओपीडी अब सात सौ पर सिमट रही है।

तीन माह से अस्पताल में सीबीसी (कंपलीट ब्लड काउंट) और दो माह से एक्सरे की जांच ठप है। दोनों ही उपकरण खराब पड़े हैं। पिछले दिनों अमर उजाला ने अस्पताल में जांच प्रभावित होने के मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिम्मेदारों ने उपकरण दुरुस्त कराने की बात कही थी मगर अब भी स्थिति जस की तस है। खामियां छिपाने के लिए अब मरीजों को संबंधित उपकरणों से होने वाली जांचें लिखी ही नहीं जा रही हैं। महज किट और कुछ सामान्य जांचों के आधार पर ही बेहतर इलाज का दावा किया जा रहा है।

अव्यवस्था से जूझकर घटते जा रहे मरीज

तीन सौ बेड अस्पताल में माहभर पहले टेस्ट रीजेंट खत्म होने से मरीजों को लौटाया जा रहा था। दवाओं की कमी से भी मरीजों को जूझना पड़ रहा था। अब उपकरण खराब पड़े हैं। माह भर पहले जो ओपीडी नौ सौ से ज्यादा जा पहुंची थी, वह अब सात सौ पर अटक गई है। जांच की व्यवस्था न होने से मरीज निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं।

महज किट का सहारा

अस्पताल में जांच के लिए किट का ही सहारा है। डेंगू, मलेरिया, कोरोना समेत बायोकेमिस्ट्री की कुछ जांचें जो बगैर उपकरण के हो जाती हैं, केवल वही लिखी जा रही हैं। इसमें ब्लड प्रेशर, शुगर, हीमोग्लोबिन आदि शामिल हैं। जांच प्रभावित होने का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पहले सीबीसी, एक्सरे समेत करीब डेढ़ सौ जांचें हो रही थीं जो अब आधी हो चुकी हैं। इधर, डॉक्टर गंभीर मरीजों को देखने के बाद उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल भेज रहे हैं।

क्या है सीबीसी, बायोकेमिस्ट्री जांच

कंपलीट ब्लड काउंट के जरिये हीमोग्लोबिन, हीमैटोक्रिट, डब्ल्यूबीसी, प्लेटलेट्स, ल्यूकेमिया, असामान्य कोशिका, आयरन की कमी, एनीमिया आदि का पता चलता है। बायोकेमिस्ट्री मशीन के जरिये मरीज के इलेक्ट्रोलाइटस, वसा, प्रोटीन, ग्लूकोज, लिपिड्स, न्यूक्लिक एसिड आदि की जांच की जाती है। एक्सरे मशीन से हड्डी रोग समेत फेफड़ों के संक्रमण की जानकारी मिलती है।

फोटो : वर्जन

खराब उपकरणों को दुरुस्त कराने के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा जा चुका है। बायोकेमिस्ट्री मशीन सही है पर तकनीकी खामी के चलते कुछ जांचें नहीं हो रही हैं। एक्सरे मशीन भी जल्द सही हो जाएगी। खामियां जल्द दूर कर ली जाएंगी। – डॉ. अकीक, प्रभारी सीएमएस, तीन सौ बेड अस्पताल

जांच की जगह मिल रही दर्द की दवा

घंटे भर इंतजार के बाद डॉक्टर ने देखा। पैर में चोट लगने से दर्द था, एक्सरे कराना चाहता था पर डॉक्टर ने दर्द निवारक दवा दे दी। – राधेश्याम, नकटिया

जांच की जरूरत नहीं, दवा खाते रहिए

कई दिन से दवा चल रही है पर फायदा नहीं हो रहा। जांच लिखने को कहा तो डॉक्टर बोले कि अभी इसकी जरूरत नहीं। दवा खाते रहिए। – मोहम्मद हुसैन, मालियों की पुलिया

तीन सौ बेड अस्पताल में खराब पड़ी सीबीसी, बायो केमेस्ट्री और एक्सरे मशीन। - अमर उजाला

तीन सौ बेड अस्पताल में खराब पड़ी सीबीसी, बायो केमेस्ट्री और एक्सरे मशीन। – अमर उजाला

तीन सौ बेड अस्पताल में खराब पड़ी सीबीसी, बायो केमेस्ट्री और एक्सरे मशीन। - अमर उजाला

तीन सौ बेड अस्पताल में खराब पड़ी सीबीसी, बायो केमेस्ट्री और एक्सरे मशीन। – अमर उजाला

तीन सौ बेड अस्पताल में खराब पड़ी सीबीसी, बायो केमेस्ट्री और एक्सरे मशीन। - अमर उजाला

तीन सौ बेड अस्पताल में खराब पड़ी सीबीसी, बायो केमेस्ट्री और एक्सरे मशीन। – अमर उजाला


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