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Bareilly News: पांचाल संग्रहालय में अध्ययन समेत अनुभव अर्जित कर सकेंगे विद्यार्थी

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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के पांचाल संग्रहालय में अब प्राचीन इतिहास एवं कल्चर एक्सपीरियंशियल लर्निंग ग्रुप के तहत विद्यार्थी ज्ञानार्जन के साथ ही आय भी अर्जित कर सकेंगे। इससे विद्यार्थियों के अध्ययन, अनुभव, सामाजिक और राजनीतिक ज्ञान बढ़ने की उम्मीद है।

कोऑर्डिनेटर प्रो. विजय बहादुर सिंह के मुताबिक पांचाल संग्रहालय की देखरेख और प्रचार-प्रसार, प्रदर्शनी, मेले आदि का आयोजन कराने की जिम्मेदारी लर्निंग ग्रुप और गठित टीम की रहेगी। एक संयुक्त खाता खोला जाएगा। इसमें पांच लाख रुपये का फंड रहेगा, जो जरूरी गतिविधियों के संचालन के लिए प्रयोग किया जाएगा। क्यूरेटर और फीमेल रिसेप्शनिस्ट की भी नियुक्ति होगी। पब्लिकेशन के लिए प्रिंट के मूल्य, मेले और प्रदर्शनी के लिए मौके पर दरें निर्धारित की जाएंगी। इससे होने वाली आय में से विद्यार्थियों को भी भुगतान किया जाएगा। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी दीक्षांत समारोह के दौरान इसके लिए कुलपति प्रो. केपी सिंह के प्रयास को सराहा था।

पांच हिस्सों में बंटा है पांचाल संग्रहालय

बताया कि पांचाल संग्रहालय रामाशंकर रावत गैलरी, टेराकोटा गैलरी, अभयपुर गैलरी, हैंडीक्राफ्ट एंड टेक्सटाइल आर्ट गैलरी और अहिच्छत्र गैलरी नाम से पांच हिस्सों में बंटा है। इनकी जानकारी शोकेस साउंड सिस्टम बताता है। प्राचीन इतिहास विभाग ने पीलीभीत के अभयपुर में साल 2001 से 2006 तक उत्खनन कराया था। इसमें चित्रित धूसर मृदभांड सभ्यता के दो मानव शवाधानों के साक्ष्य व अन्य पुरातात्विक अवशेष मिले थे। इसके अतिरिक्त गैरिक मृदभांड सभ्यता, कृष्ण लोहित मृदभांड सभ्यता, उत्तरी कृष्ण मार्जित सभ्यता के अवशेष भी प्राप्त हुए थे।

बरेली-मुरादाबाद मंडल के नौ जिलों के भी चित्र

चंदौसी के स्वर्गीय सुरेंद्र मोहन मिश्र वीथिका में कुषाण-गुप्त कालीन और बौद्ध धर्म से संबंधित मृण व प्रस्तर मूर्तियां हैं। मुगलकाल के दाढ़ी धारी शिव और उनके परिवार के साथ प्राचीन मूर्तियां रखी हैं। साथ ही, कुछ दुर्लभ हस्त निर्मित पेंटिंग भी हैं। विश्वविद्यालय के क्षेत्र में आने वाले सभी नौ जिलों को तस्वीरों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। आधुनिक शोकेस, छायाचित्र, फोकस लाइट, एलईडी टीवी के जरिये लोग इसकी जानकारी कर सकते हैं। अहिच्छत्र गैलरी संग्रहालय में उत्खनन से प्राप्त विभिन्न मृणमूर्तियों की अनुकृतियां चारों ओर प्रदर्शित हैं।


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