बरेली

Bareilly News: सिस्टम है ऐसा… बिजली हो जाए बाधित तो सौर ऊर्जा होती है बर्बाद

Connect News 24

बरेली। पर्यावरण के प्रति जागरूकता और महंगी बिजली के खर्च से राहत पाने के लिए लोग अब घर से लेकर फैक्टरी तक सौर ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं। घरेलू उपयोग के लिए अगर आप सौर ऊर्जा का पैनल लगवाना चाहते हैं तो केंद्र और राज्य सरकार से अनुदान मिलता है। मगर सिस्टम ऐसा है कि अगर बिजली आपूर्ति बाधित हो जाए तो सौर ऊर्जा बर्बाद हो जाती है। जिन लोगों ने संयंत्र लगवाए हैं, वे सिस्टम ठीक करने की मांग कर रहे हैं। दरअसल पॉवर कट के वक्त जो बिजली पैदा होती है वह न तो इस्तेमाल हो पाती है, न ही ग्रिड के लिए उसकी आपूर्ति हो पाती है।

आमतौर पर पांच किलोवाट का सोलर सिस्टम तीन लाख रुपये में लग जाता है। केंद्र और राज्य सरकार की ओर से अधिकतर 88 हजार रुपये का अनुदान मिलता है। यह लाभार्थी के खाते में आता है। सिस्टम 20-30 वर्ष चल जाता है। सिस्टम सीधे पॉवर कॉरपोरेशन की ग्रिड से जुड़ता है। जो बिजली बनेगी वह सीधे ग्रिड में जाएगी। ग्रिड को जाने वाली बिजली और आपकी ओर से ग्रिड से ली गई बिजली, दोनों की रीडिंग होगी। रीडिंग के आधार पर बिलिंग होगी। अगर ग्रिड को दी गई बिजली से खर्च की गई बिजली अधिक है तो अतिरिक्त का भुगतान देना होगा। अगर प्रयोग की गई बिजली कम है तो ग्रिड को गई बिजली आपके खाते में जमा रहेगी। अगले महीनों में जब आपकी खपत बढ़ेगी तो उसका समायोजन हो जाएगा।

प्रकृति को बचाया… बिजली का खर्चा भी घटाया

चौपुला रोड निवासी डॉ. सुनील कुमार पर्यावरण प्रेमी हैं। इसलिए यूपी नेडा की पहल पर घर की छत पर तीन लाख रुपये की लागत से पांच किलोवाट बिजली की जरूरत पूरा करने के लिए सोलर पैनल लगवाए। 88 हजार रुपये अनुदान का मिला। जेब से 1,12,000 रुपये खर्च हुए। बिजली पर खर्च घटा है। वह सोलर ऊर्जा के अधिक से अधिक प्रयोग के लिए सिस्टम में बदलाव की जरूरत पर जोर दे रहे हैं।

बिजली का बिल आधा हो गया

चौपुला रोड निवासी डॉ. सुबोध कुमार शर्मा के घर की बिजली का बिल 7-8 हजार रुपये महीने आता था। पांच किलोवाट बिजली के लिए सोलर पैनल लगवाया तो बिजली का खर्च तीन से चार हजार रुपये ही रह गया। उनका कहना है कि पॉवर कट के वक्त जो बिजली पैदा होती है वो बर्बाद हो जाती है। उसका न वे इस्तेमाल कर पाते हैं, न ही ग्रिड के लिए उसकी आपूर्ति हो पाती है। इसलिए सिस्टम ठीक करने की जरूरत है।

कोट-

सौर ऊर्जा लगवाने के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ी है। एक किलोवाट से दस किलोवाट तक का सिस्टम घर पर लगवा सकते हैं। जितने किलोवाट का लोड बिजली विभाग से स्वीकृत है, उतने ही किलोवाट का सिस्टम आपके घर लग सकता है। सोलर पैनल लगवाना है तो solarrooftop.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करें। -अतुल श्रीवास्तव, यूपी नेडा के परियोजना निदेशक

नवाबगंज में 10-10 मेगावाट क्षमता के दो सोलर प्लांट लगे

नवाबगंज तहसील में 10-10 मेगावाट के दो संयंत्र एक निजी कंपनी ने लगाए हैं। 30 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन जुलाई में इन संयत्रों से हुआ है। इससे कंपनी को एक करोड़ पांच लाख रुपये मिलेंगे। पूरे महीने मौसम साफ है और धूप निकल रही है तब यह औसत है। अगर बारिश के दिन होते हैं तो यही उत्पादन आधा हो जाता है। ब्यूरो


Connect News 24

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button