Bareilly News: सोने पर झगड़े की नहीं सुलझी गुत्थी, पुलिस और एसओजी में हुई थी तनातनी
बरेली। उद्योगपति संजीव गर्ग अपहरण और हत्याकांड मामले में घटना के बाद से सक्रिय पुलिस चार्जशीट दाखिल करने के बाद भी कार्रवाई कर रही है। मगर पूरी रकम और सोने की बरामदगी न होने से सवाल कायम हैं। हालांकि यह अलग बात है कि शुरू में मीडिया को रकम और माल संबंधी बयान देने वाला पीड़ित परिवार भी अब खामोश है।
वारदात के खुलासे के वक्त जब माल बरामद हुआ था तब सोने में हेरफेर को लेकर थाना पुलिस व एसओजी में झगड़ा हुआ था। इस पर तत्कालीन एडीजी राजकुमार ने जांच बैठाई थी। दरअसल पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम राजस्थान व हरियाणा से जब सोना बरामद करके लाई तो रात हो गई थी। टीम बरेली आई तो एक पुलिसकर्मी सोना लेकर चला गया था। सुबह जब एसओजी दफ्तर में पोटली मंगाई गई तो सोने की ईंट का टुकड़ा कम निकला था। लाखों का सोना इधर-उधर होने पर पुलिसकर्मियों और एसओजी टीम में जमकर झगड़ा हुआ था। इसकी सूचना अधिकारियों तक पहुंची थी। जांच तो बैठाई गई मगर रिपोर्ट आज तक नहीं आई। अफसर इस पर कुछ बोलने को भी तैयार नहीं हैं। माना जा रहा है कि इस मामले को रफा-दफा कर दिया गया।
तहरीर में लूट व माल का जिक्र नहीं
प्रेमनगर के राधा एन्क्लेव निवासी उद्यमी संजीव गर्ग की औद्योगिक क्षेत्र परसाखेड़ा में महावीर प्लाइवुड कंपनी थी। उनके साढ़ू के बेटे सौरभ मित्तल उर्फ सोनू व गौरव मित्तल उर्फ मोनू भी उनके साथ फैक्टरी हाथ बंटाते थे। दोनों ने उनकी हत्या और लूट करने की योजना बनाई। 20 जनवरी को जब संजीव कार से घर जा रहे थे तो इन दोनों के बुलावे पर आए सुपारी किलर ने उनकी कार को कब्जे में ले लिया। सूत्र बताते हैं कि जान बख्शने के नाम पर उनसे करीब दो करोड़ रुपये और 20 किलो सोना मंगवाया गया। फिर शंखा-अगरास रोड पर रबर फैक्टरी गेट के पास उनकी हत्या कर दी।
बेटे शिवम गर्ग की तहरीर पर हत्या की रिपोर्ट लिखी गई थी। परिवार ने तब तहरीर में लूट व माल का जिक्र नहीं किया। हालांकि मीडिया से बात में दो करोड़ रुपये व 20 लाख का सोना जाने की बात बताई गई। पुलिस ने सोनू, मोनू समेत राजस्थान के दीपक सोनी, मनीष मीणा, शुभम कुमावत, हरियाणा के राजवीर, मुरादाबाद के दयाराम, बरेली के विकास कुमार के नाम खोले, सभी को जेल भेज दिया गया। इसके साथ ही करीब 50 लाख कैश व आठ किलो सोना बरामद किया गया।
राजस्थान के सुपारी किलर ले गए थे माल
संजीव गर्ग की हत्या करने वाले आरोपियों पर इसी साल एक फरवरी को गैंगस्टर की कार्रवाई की गई। हत्या मामले में जमानत पर आ चुके आरोपियों को दोबारा गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इस क्रम में पुलिस ने तीन दिन पहले राजस्थान के जयपुर के थाना शाहपुर की सैनी कॉलोनी निवासी सुपारी किलर दीपक सोनी को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा है। कोर्ट में पेशी पर नहीं जाने से उसका गैर जमानती वारंट जारी हो गया था। बताया जा रहा था कि हत्या के बाद सोनू-मोनू ने लूटा गया माल राजस्थान के बदमाशों को ही सौंप दिया था। बाद में बरेली आकर बंटवारा करने की बात तय हुई इस पर वह पकड़ा गया।



