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Bareilly News: हालात बता रहे बचने के लिए खूब किया संघर्ष हर जुबां पर सवाल यही… किसने और क्यों मारा

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शाही (बरेली)। कुल्छा गांव निवासी धानवती (43) की हत्या का घटनास्थल उनके साथ हुई नृशंसता को स्पष्ट बयां कर रहा है। शव से कलाई और पैर का पंजा इस तरह से कटा है जैसे किसी धारदार हथियार से उन्हें काटा गया हो। हालांकि, पुलिस का मानना है कि जानवरों के नोचने की वजह से भी पंजा और कलाई गायब हो सकती है। मगर सवाल ये है कि जानवर मांस तो नोच ले जाएंगे, मगर क्या धारदार हथियार की तरह हड्डी भी काट ले जाएंगे। मौके पर कटे हुए पंजे और कलाई का कोई अवशेष भी नहीं मिला है। कलाई कटने के बावजूद हाथों में लाल चूड़ियां थीं। जानवरों ने नोचा होता तो चूड़ियां बिखरी होतीं। घटनास्थल के हालात बता रहे हैं कि धानवती ने खूब संघर्ष किया। गन्ने के खेत में जिस जगह शव पड़ा मिला, वहां आसपास के गन्ने भी टूटे मिले। महिला का शव पेट के बल पड़ा था। महिला के सिर के बालों का गुच्छा दूर पड़ा था। कुछ दूरी अस्पताल का पर्चा और दवा एक पॉलिथीन में पड़ी मिली। धानवती के साथ यह वारदात घरवालों और ग्रामीणों की लिए पहेली बन गई है। पुलिस भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। सभी की जुबां पर एक ही सवाल है कि आखिर धानवती की हत्या किसने और क्यों की होगी? महिला के पति ने पुलिस को बताया कि उनकी और परिवार की किसी से दुश्मनी नहीं है। वह चाहते हैं कि पुलिस सच्चाई को सामने लाए।

शव जलाने की आशंका खारिज

महिला के शव पर कमर के ऊपर का हिस्सा पूरी तरह काला पड़ा हुआ था। लोगों ने शक जताया कि उसके शव को तेजाब या किसी केमिकल से जलाया गया है। हालांकि, फोरेंसिक टीम ने मौके पर ही यह आशंका खारिज कर दी। बताया कि धूप में शव पड़ा होने से उसमें से कई केमिकल निकलते हैं। इनकी वजह से ऐसा हुआ होगा। टीम ने मौत का समय करीब चार दिन पहले माना। हालांकि यह भी माना कि ज्यादा गर्मी की वजह से शव खराब हो गया है।

डॉक्टर ने बताया, इन्हीं का बनाया पहला पर्चा

– महिला को दवा देने वाले आयुर्वेदिक अस्पताल के चिकित्सक भी हत्या की सूचना पर मौके पर पहुंचे। उन्होंने कपड़ों से महिला की पहचान की। पुलिस ने उनसे पूछताछ की तो बताया कि शनिवार को जब वह अस्पताल पहुंचे थे तो यह महिला उनका इंतजार कर रही थी। सबसे पहला पर्चा इन्हीं का था। उन्होंने समस्या पूछकर दवा दी तो वह चली गईं।

जांच के नाम पर खानापूरी

सूचना के बाद पुलिस करीब आधे घंटे बाद घटनास्थल पर पहुंची। तब तक बड़ी संख्या में आसपास के लोग पहुंच चुके थे। इस वजह से फोरेंसिक टीम को मौके से सुबूत जुुटाने में बहुत कामयाबी नहीं मिल सकी। पुलिस ने पहुंचने के बाद भी घटनास्थल पर भीड़ को रोकने के इंतजाम नहीं किए। फोरेंसिक टीम घटनास्थल पर फोटो खींचने तक सीमित रही। सीओ मीरगंज भी घटनास्थल पर कुछ देर रुकने के बाद तुरंत लौट गए।

इकलौता बेटा रुद्रपुर में करता है काम

-मृतका के एक पुत्र व चार पुत्री हैं। बेटी दुर्गा और हरप्यारी का विवाह हो चुका है। बाकी तीन बच्चे गुलाबशंकर, गंगा तथा शीतल अविवाहित हैं। पति की आंखें कमजोर हैं। जमीन बिल्कुल न होने से परिवार के भरण-पोषण के लिए इकलौता पुत्र गुलाबशंकर रुद्रपुर में मजदूरी करके जीवन यापन कर रहा है।


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