Bareilly News: आज घर-घर होगी घट स्थापना, गूंजेंगे मां के जयकारे
बरेली। शारदीय नवरात्र रविवार से शुरू हो रहे हैं। मंदिरों में सजावट शुरू हो गई है। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा होगी। घरों और मंदिरों में घट स्थापना के साथ ही नौ दिनों तक देवी के नौ स्वरूपों की पूजा की जाएगी।
ज्योतिर्विद डॉ. सौरभ शंखधर ने बताया कि मां दुर्गा इस बार हाथी पर सवार होकर आ रही हैं। इसे बेहद शुभ माना जा रहा है। 30 साल बाद शारदीय नवरात्र का प्रारंभ शश राजयोग, भद्र राजयोग और बुधादित्य योग के साथ होगा। पहले दिन इन तीन सुयोगों से मेष, वृष, कर्क, तुला, मकर राशि के जातकों को काफी लाभ होगा। नवरात्र में माता का विग्रह, चरण पादुका, तांबे या चांदी का कलश खरीदना शुभ होता है। देसी घी का दीप जलाकर नवार्ण मंत्र का जाप, दुर्गा जी के 32 नाम के नित्य 11 पाठ, देवी सूक्त, सिद्ध कुंजिका व कवच का पाठ करने से समृद्धि के योग बनेंगे।
घटस्थापना तिथि : रविवार 15 अक्तूबर 2023
मुहूर्त : सुबह 6:30 से 8: 47 बजे तक।
अभिजित मुहूर्त : सुबह 11:48 से दोपहर 12:36 बजे तक।
खरीदारी का विशेष योग : 15 अक्तूबर की सुबह 08.52 से 11.09 बजे तक, दोपहर 02.57 से शाम 04.36 बजे तक।
शारदीय नवरात्र की प्रमुख तिथियां
15 अक्तूबर – प्रतिपदा तिथि मां शैलपुत्री की पूजा।
16 अक्तूबर – द्वितीया तिथि मां ब्रह्मचारिणी की पूजा।
17 अक्तूबर – तृतीया तिथि मां चंद्रघंटा की पूजा।
18 अक्तूबर – चतुर्थी तिथि मां कुष्मांडा की पूजा।
19 अक्तूबर – पंचमी तिथि मां स्कंदमाता की पूजा।
20 अक्तूबर – षष्ठी तिथि मां कात्यायनी की पूजा।
21 अक्तूबर – सप्तमी तिथि मां कालरात्रि की पूजा।
22 अक्तूबर – दुर्गा अष्टमी मां महागौरी की पूजा।
23 अक्तूबर – महानवमी मां सिद्धिदात्री की पूजा व शारदीय नवरात्र व्रत का पारण।
24 अक्तूबर – दशमी तिथि (दशहरा) मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन।
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मां के दरबार से…
नौ दुर्गा मंदिर में विराजमान हैं देवी के नौ स्वरूप
बरेली। साहूकारा स्थित नौ दुर्गा मंदिर 70 साल पुराना है। मंदिर के महंत योगी रविंद्रनाथ ने बताया कि 10 मार्च 1966 को इस मंदिर का निर्माण योगी काशीनाथ ने कराया था। उन्होंने एक पैर पर खड़े होकर मां दुर्गा की तपस्या की थी। तपस्या से प्रसन्न होकर मां दुर्गा ने मंदिर का निर्माण कराने का आशीर्वाद दिया था। यहां देवी के नौ स्वरूपों की प्रतिमा स्थापित की गई है। मंदिर के कपाट सुबह 4:30 बजे खुल जाते हैं। पहली आरती सुबह पांच बजे होती है। दोनों नवरात्र पर यहां श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। माता की सांध्यकालीन आरती सात बजे की जाती है। ऐसा माना जाता है कि मां से सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है।
ऐसे पहुंचें मंदिर
सेटेलाइट तिराहे से किला क्रॉसिंग तक ऑटो मिल जाएगा। यहां से अलखनाथ मंदिर तक पैदल पहुंच सकते हैं। उसके सामने वाली गली में नौ दुर्गा मंदिर है, जहां पहुंचकर मां का आशीष ले सकते हैं।



