Bareilly News: दरवाजा बंद करने से पहले ही घर में घुस गए थे दो बदमाश
बरेली। रिटायर्ड बैंक मैनेजर के घर में दो बदमाश दरवाजा बंद करने से पहले ही घुस गए थे। मौका देखते ही उन्होंने वारदात कर दी और रात में आए तीसरे साथी के साथ निकल गए। एसओजी कॉलोनी के दूसरे सीसीटीवी कैमरों से इनके चेहरे और अन्य सुराग तलाश रही है।
राजेश्वर दयाल सिंह का कहना है कि वह खाना खाने के बाद बुधवार रात दस बजे मेनगेट में ताला लगाकर तीसरी मंजिल के अपने कमरे में सोने चले गए थे। रात में क्या घटनाक्रम हुआ, इसकी जानकारी नहीं है। उनकी पत्नी माया देवी ने होश में आने पर बताया कि पति के छत पर जाते ही दो लोग उन्हें दिखे। बदमाशों ने उनका मुंह दबा दिया। इसके बाद क्या हुआ, उन्हें इसका पता नहीं चल सका। वहीं नेत्रहीन होने की वजह से मनीष कुछ नहीं देख सके। आशंका है कि उन्हें भी नशा दिया होगा।
एसओजी प्रभारी सुनील शर्मा और इंस्पेक्टर प्रेमनगर ने पड़ोस के कैमरे की फुटेज निकलवाई। रात 2.33 बजे एक बदमाश घर में घुसते और 3.44 बजे तीन बदमाश निकलते दिख रहे हैं। इस लिहाज से माया देवी के बयान की भी तस्दीक हो रही है। हालांकि इन दोनों बदमाशों के घर में घुसने की टाइमिंग को लेकर पड़ताल की जा रही है।
करीबी के शामिल होने का शक, नौकरों से भी पूछताछ
राजेश्वर के घर में घुसकर जिस तरह घटना को अंजाम दिया गया, उसे देखकर लगता है कि वारदात में किसी करीबी का हाथ है। बदमाशों को जानकारी थी कि राजेश्वर तीसरी मंजिल पर सो रहे हैं, जबकि उनकी पत्नी और नेत्रहीन बेटा दूसरी मंजिल पर सोते हैं। मनीष नहीं देख पाते हैं, इसकी जानकारी भी बदमाशों को रही होगी। इसी वजह से उन्होंने मनीष को कोई चोट नहीं पहुंचाई और इतनी देर तक घर में अलमारी, सेफ से सामान निकालते रहे।
पुलिस को पता लगा कि घर में सुर्खा मोहल्ला निवासी देवरानी-जेठानी सोनी और सोनम काम करने आती हैं। सोनी बर्तन धोने व सफाई का काम करने दो बार आती है तो सोनम एक ही बार आकर खाना बना जाती है। इसके अलावा दूध वाले से लेकर अन्य लोगों की जानकारी भी की गई। हालांकि माया देवी समेत पूरे परिवार ने बताया कि उन्हें नौकरों पर पूरा भरोसा है। ये किसी और का ही काम है।
बरसों से कुदरत का सितम झेल रहा परिवार
राजेश्वर दयाल बैंक ऑफ बड़ौदा के सीनियर मैनेजर पद से रिटायर्ड हैं। कई साल से वह यहां घर बनाकर रह रहे हैं। पत्नी माया देवी बुजुर्ग और काफी कमजोर हैं। रिश्तेदारों ने बताया कि राजेश्वर दयाल के बड़े बेटे इंद्रेश कुमार गंगवार प्राइमरी शिक्षक थे और अपने परिवार के साथ मिथिलापुरी में रहते थे। पिछले साल दिवाली के चार दिन बाद उन्होंने फंदा लगाकर जान दे दी। राजेश्वर के दूसरे बेटे मनीष पढ़ाई में काफी होशियार थे। वह दिल्ली के शीर्ष संस्थान से एमबीए कर रहे थे। 25 दिसंबर 2006 को दोस्त के साथ बाइक पर जाते वक्त सड़क हादसे में उनकी आंखें चली गईं। साथ ही दिमाग में भी गहरी चोट लगी। अब वह कर्मचारियों व माता-पिता के ही सहारे जीवन जी रहे हैं।
चुनावी मौसम में हो रही घटनाएं, पुलिस की मुस्तैदी पर सवाल
निकाय चुनाव के चलते शहर में धारा 144 लागू है। उसके बाद भी आपराधिक घटनाएं नहीं रुक रही हैं। चार दिन में ही प्रेमनगर थाना क्षेत्र में दो बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं। प्रेमनगर के प्रियदर्शनी नगर में बुधवार देर रात कबाब कारीगर नसीर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अब लूट होने के बाद पुलिस की मुस्तैदी पर सवाल उठ रहे हैं।



