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Bareilly News: मलेरिया बेकाबू… टीमें तैनात फिर भी थम नहीं रहा

Connect News 24

बरेली। प्रभावी नियंत्रण के दावों के बीच मलेरिया के मामले थमने के बजाय हर दिन बढ़ते जा रहे हैं। सोमवार को 27 नए मरीज मिले। इस तरह से अगस्त के 21 दिनों में 592 मरीज मिल चुके हैं। जनवरी से अब तक कुल 1131 मरीज सामने आ चुके हैं। जिले में मलेरिया प्रभावित 213 गांवों में से 64 मीरगंज के हैं। ठिरिया कल्याणपुर में सबसे ज्यादा मरीज हैं।

स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक, मीरगंज के 64 गांव में अब तक मलेरिया के मरीज मिल चुके हैं। इसमें अतिसंवेदनशील में दर्ज ठिरिया कल्याणपुर में मलेरिया के 67 मरीज, वंशीपुर में 57, जौनेर में 38, नरेली में 38, गुलड़िया में 33, आनंदपुर में 21 मरीज मिल चुके हैं। इसके अलावा सैंजना, परचवा, हल्दी खुर्द, हुरहुरी, तिलमास, परौरा, गूला, सिंधौली, नगरिया सादात समेत अन्य गावों में भी मलेरिया का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। 13 गांवों में पांच से दस मरीज हैं। अन्य में एक से चार केस ही हैं। मगर यहां बुखार के मरीजों की तादाद बढ़ रही है। सोमवार को मीरगंज सीएचसी पर इलाज के लिए पहुंचे करीब 200 मरीजों में से 54 बुखार की चपेट में रहे। किट से हुई जांच में 11 लोग मलेरिया पीड़ित मिले। रिकॉर्ड के मुताबिक मीरगंज में अब तक विवैक्स मलेरिया के 417 और फेल्सीपेरम के 12 मरीज मिल चुके हैं।

अब तक 25,000 जांचें, एबीईआर 12.5 फीसदी

जिले में जनवरी से अब तक मलेरिया संदिग्ध 1.73 लाख लोगों की जांच हो चुकी है। इसमें सबसे ज्यादा करीब 25,000 संदिग्ध मीरगंज में मिले हैं। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमित के मुताबिक मीरगंज में वार्षिक रक्तजांच दर (एबीईआर) 12.5 फीसदी चल रही है, ताकि मरीजों की पहचान हो सके।

पैरासाइट खात्मे के लिए दवा का कोर्स जरूरी

मीरगंज बीते करीब आठ साल से संवेदनशील बना हुआ है। चिकित्सा अधीक्षक ने इसकी वजह मलेरिया के मरीजों की ओर से दवा का कोर्स बीच में ही छोड़ने की आशंका जताई है। कहा कि विवैक्स के मरीज ज्यादा हैं। इसकी दवा का कोर्स 14 दिन होता है। चार से पांच दिन दवा खाने के बाद बुखार से निजात मिल जाती है। दवा छोड़ देने से पैरासाइट शरीर में पनपकर फिर बीमार बना देते हैं।

विवैक्स के 25, फेल्सीपेरम के दो मरीज

सोमवार को जिले के स्वास्थ्य केंद्र और गांवों में लग रहे शिविर में बुखार के मरीजों की हुई जांच में 27 लोग मलेरिया की चपेट में मिले हैं। इसमें फेल्सीपेरम का एक केस मझगवां, एक भमोरा में मिला। विवैक्स के 25 केस में 11 मीरगंज, दो भमोरा, एक कुआटांडा, दो फरीदपुर, एक शेरगढ़, दो रामनगर, दो हाफिजगंज, चार फतेहगंज पूर्वी में मिले हैं। सभी मरीजों को दवा और बचाव संबंधी सुझाव दिए हैं।

लक्षण और बचाव के उपाय

तेज बुखार आना, सिर दर्द, उल्टी होना, जी मिचलाना, ठंड लगना, चक्कर आना, थकान, पेट दर्द, सांस लेने में परेशानी लक्षण हैं। मलेरिया के मच्छर दिन में नहीं बल्कि शाम या रात में काटते हैं। इसलिए शाम होते ही झाड़ियों की ओर न जाएं। आसपास साफ सफाई रखेंं। प्रभावित मरीज को मच्छरदानी में लिटाएं। घर में जहां भी जलजमाव की आशंका हो, वहां सप्ताह में एक दिन जरूर जांच लें।

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मीरगंज के संवेदनशील गांव में चले सफाई अभियान : डीएम

कलक्ट्रेट सभागार में सोमवार को हुई जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम शिवाकांत द्विवेदी ने मीरगंज में मलेरिया के संवेदनशील गांवों में विशेष सफाई अभियान चलाकर झाड़ियाें, नालियों की सफाई, जलभराव समाप्त कराने के निर्देश दिए। सीएचसी नवाबगंज में कम प्रसव होने पर नाराजगी जताई। नियमित टीकाकरण की समीक्षा में मझगवां, भोजीपुरा की स्थिति खराब मिलने पर सुधार के निर्देश दिए। नियमित टीकाकरण के लिए विकसित एप पर नियमानुसार डाटा दर्ज करने के निर्देश दिए। बैठक में सीएओ डॉ. बलवीर सिंह समेत अन्य अफसर मौजूद रहे। ब्यूरो


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