बरेली

Bareilly News: वेंडिंग जोन बेमकसद, पुलिस चौकी और कैमरों की उपयोगिता पर सवाल

Connect News 24

बरेली। सेटेलाइट बस अड्डे के आसपास अतिक्रमण और रेहड़ी-ठेली दुकानदारों की अराजकता रोकने के लिए बनाया गया वेंडिंग जोन अब बेमकसद साबित हो रहा है। यहां पहले की तरह ही सड़कों पर दुकानें सज रही हैं। अतिक्रमण करने वालों के सिर पर पुलिस चौकी है और लंबी दूरी के दृश्य कैद करने वाले कैमरे भी हैं। यह व्यवस्था शहर को कागजों में ही स्मार्ट दिखाने भर के लिए है। हकीकत में यहां वेंडिंग जोन, पुलिस चौकी और उच्च क्षमता वाले कैमरों की उपयोगिता दिख नहीं रही।

यहां वेंडिंग जोन कबाड़खाने में तब्दील हो गया है और पथ विक्रेताओं की दुकानें सड़कों पर आ गई हैं। इस वजह से पीलीभीत-बरेली हाईवे संकरा हो रहा है। अक्सर लगने वाले जाम की भी यही वजह है। अतिक्रमण से परेशान लोगों का यही सवाल है कि अवैध कब्जे कब तक हटेंगे? वेडिंग जोन कब से आबाद हो पाएंगे?

वेंडिंग जोन के व्यवस्थित संचालन के लिए टाउन वेडिंग कमेटी भी बनी है। इसमें डीएम, एसएसपी, एसपी ट्रैफिक, नगर आयुक्त, पार्षद, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, व्यापार मंडल के प्रतिनिधि और टाउन वेंडर सदस्य हैं। इनकी बैठक हर महीने होती है। जाहिर है समस्याएं भी उठती होंगी। जिम्मेदार अधिकारी, वेंडर्स एसोसिएशन और व्यापार मंडल के प्रतिनिधि यदि नियमित बैठककर कर रहे हैं तो समाधान क्यों नहीं हो रहा है? सवाल यह भी है कि टाउन वेडिंग कमेटी ने क्या कभी वेंडिंग जोन के हालात नहीं देखे?

नगर निगम की जिम्मेदारी सिर्फ प्लेटफार्म बनाकर देने की है। सेटेलाइट के सामने वेडिंग जोन में 250 लोगों को स्थान आवंटित किया गया है। अगर वे वहां पर नहीं हैं और सड़क पर ठेला या खोमचा लगा रहे हैं तो मौके पर पुलिस चौकी है। पुलिस उन्हें हटाए और वेडिंग जोन में शिफ्ट कराए। अगर पुलिस ऐसा नहीं करती तो टाउन वेडिंग कमेटी की बैठक में इस समस्या को उठाएंगे। बैठक में प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी शामिल होते हैं। -अजीत प्रताप सिंह, अपर नगर आयुक्त


Connect News 24

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button