बिसौली-सिरौली रोड : 19 साल से रोडवेज बसें बंद, अब डग्गामार वाहनों का कब्जा

दबतोरी इलाके में ई रिक्शा से सवारियों को ले जाते हुए। संवाद
बदायूं/दबतोरी। यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए सरकार तमाम जतन कर रही है। गांव-गांव रोडवेज बस सेवा उपलब्ध कराने के लिए दीनदयाल उपाध्याय बस सेवा शुरू की गई है, लेकिन बिसौली-सिरौली रोड के दर्जनों गांव 19 साल से यातायात की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। इस मार्ग पर डग्गामार वाहनों का कब्जा है। कई बार रोडवेज बसें चलाने की मांग हो चुकी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
बिसौली-सिरौली रोड दो जिलों को जोड़ता है। इसका केंद्र बिंदु दबतोरी गांव है। अब यह गांव काफी विकसित हो गया है। यहां तमाम दुकानें हैं। इन पर हर तरह का सामान मिल जाता है। गांव के नजदीक ही रेलवे स्टेशन है। जहां से बरेली और मुरादाबाद होते हुए कहीं भी आ-जा सकते हैं, लेकिन यहां सबसे बड़ी समस्या रोडवेज बस सेवा की है।
यहां के लोग बताते हैं कि वर्ष 2004 तक बिसौली-सिरौली रोड पर रोडवेज बसें चलती थीं लेकिन धीरे-धीरे इनका संचालन बंद हो गया। तब से स्थानीय लोग केवल डग्गामार वाहनों पर निर्भर हैं। 16 हजार की आबादी वाले गांव दबतोरी से बिसौली करीब 10 किलोमीटर दूर है। यहां से शाहबाद करीब 35 और आंवला 20 किलोमीटर दूर है। रोडवेज बसें न चलने से आंवला और शाहबाद जाने के लिए भी डग्गामार वाहनों में ही सफर करना होता है।
यहां के लोग कई बार प्रशासनिक और परिवहन निगम के अधिकारियों से रोडवेज बसें चलाने की मांग कर चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ग्रामीण कहते हैं कि अगर परिवहन निगम एक बस भी चला दे तो भी ग्रामीणों को काफी राहत मिल जाएगी। जिले का यह शायद इकलौता इलाका है, जहां आज भी लोग बैलगाड़ियों से सफर करते हैं।
इन मार्गों पर चलते हैं डग्गामार वाहन
– दबतोरी से ओरछी, दूरी 20 किलोमीटर
– दबतोरी से बिसौली, दूरी 10 किलोमीटर
– दबतोरी से शाहबाद, दूरी 35 किलोमीटर
– दबतोरी से आंवला, दूरी 20 किलोमीटर
वर्जन
– इस रोड पर परिवहन निगम की कोई बस नहीं चल रही है। पहले बसेंं चलती थीं, इसकी मुझे जानकारी नहीं है। मेरे समय में कोई बस चलाने की मांग लेकर भी नहीं आया। अगर क्षेत्र की जनता मांग उठाएगी तो उस पर विचार किया जाएगा। – धणेंद्र कुमार चौबे, एआरएम बदायूं

दबतोरी इलाके में ई रिक्शा से सवारियों को ले जाते हुए। संवाद



