Budaun News: अपने मां-बाप की आज्ञा मानने वाला बेटा होता है भाग्यशाली

भगवान परशुराम विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में रामकथा सुनते लोग।संवाद
बदायूं। भगवान परशुराम विद्या मंदिर इंटर कॉलेज परिसर में कथा व्यास रामजी द्विवेदी ने कहा कि जो बच्चे अपने माता-पिता की आज्ञा का पालन करते हैं, उनसे ज्यादा दुनिया में अन्य कोई भाग्यशाली नहीं।
श्रीराम कथा के छठे दिन भगवान श्रीराम के वन गमन की लीला का वर्णन किया गया। कथा व्यास ने मंथरा दासी का उदाहरण देते हुए कहा कि कुसंग का परिणाम हमेशा भयंकर होता है और वही प्रभाव कैकेई पर भी पड़ा। उन्होंने कहा कि चारों पुत्रों का विवाह होने के बाद राजा दशरथ ने श्रीराम को अयोध्या का राजा बनाने का निर्णय लिया। इस बीच मंथरा के कहने पर कैकेई ने महाराज दशरथ से दो वरदान मांगे, जिन्हें सुनकर महाराज दशरथ व्याकुल हो गए।
महाराज दशरथ कैकेई से अपने वरदान बदलने के लिए कहते हैं, पर कैकेई कुछ भी सुनने को तैयार नहीं होती। जब राम पिता दशरथ की दशा देखते हैं तो वह रो पड़ते हैं और माता कैकेई से कहते हैं कि वह बेटा भाग्यशाली होता है जो अपने माता-पिता की आज्ञा का पालन करता है। इसके बाद पिता की आज्ञा पाकर भगवान श्रीराम ने भाई लक्ष्मण और पत्नी सीता के साथ वन के लिए प्रस्थान किया। इस मौके पर रामबहादुर पांडेय, राजेश्वर पाठक, डॉ. विनय दुबे, निवेदिता शंखधार, लीला पांडेय आदि मौजूद रही।