Budaun News: पानी सूखने के बाद होगा मुड़ा पुख्ता-रामगंगा पुल व पहुंच मार्ग का निर्माण

मुड़ा पुख्ता रामगंगा पुल का बाढ़ के पानी में बहा पहुंच मार्ग। संवाद
12 सितंबर को बाढ़ में ढह गया था पहुंच मार्ग, 60 गांवों का टूट गया था संपर्क
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। बाढ़ के चलते 12 सितंबर को मुड़ा पुख्ता पुल का पहुंच मार्ग पानी के बहाव में कट गया था। इसके बाद से 60 गांवों का संपर्क आपस में टूट गया। अब छह करोड़ की लागत से पुल की लंबाई बढ़ाकर दो सौ मीटर पहुंच मार्ग का निर्माण कार्य होना है। निर्माण बाढ़ का पानी सूखने के बाद हो सकेगा।
ब्लाॅक क्षेत्र समरेर के गांव मुड़ा पुख्ता और फरीदपुर के बीच रामगंगा नदी पर पांच साल पहले सेतु निगम ने 600 मीटर लंबा पुल बनाकर पहुंच मार्ग तैयार किया था। निर्माण में 42 करोड़ रुपयों की लागत आई थी।
पुल बनने के बाद समरेर और फरीदपुर की दूरी कम हो गई। इसके बाद तेज बारिश के चलते उसहैत इलाका पूरी तरह से बाढ़ग्रस्त घोषित कर दिया गया। इसी बाढ़ के पानी में 12 सितंबर को 180 मीटर का पहुंच मार्ग बह गया था।
चूंकि बिना पुल की लंबाई बढ़ाए पहुंच मार्ग बनाना संभव नहीं है, तो इसके लिए पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने सेतु निगम को इसकी सूचना भेज दी। अब रामगंगा नदी पर बने पुल की लंबाई बढ़ाई जाएगी। उसके बाद ही रोड डालना संभव होगा।
पुल का निर्माण बाढ़ का पानी सूखने के बाद शुरू किया जाएगा। पुल की लंबाई बढ़ाने से लेकर दो सौ मीटर लंबा पहुंच मार्ग बनाने में अनुमानित लागत छह करोड़ बताई जा रही है।
पुल का पहुंच मार्ग टूटने के बाद से 60 गांवों का संपर्क आपस में टूट गया है। पुल की लंबाई बढ़ने के बाद पीडब्ल्यूडी दो सौ मीटर लंबा पहुंच मार्ग तैयार करेगा। इसके बाद इन गांवों का संपर्क फिर से आपस में और जिला मुख्यालय से जुड़ जाएगा तो वहीं फरीदपुर जाने के लिए रास्ता सुगम होगा।
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सेतु निगम पुल की लंबाई बढ़ाने का काम पूरा करके देगा। उसके बाद शासन से अनुमति मिलने पर पहुंच मार्ग का काम शुरू किया जाएगा। बाढ़ का पानी कम होने के बाद ही कार्य शुरू हो सकेगा।
– मनीष कुमार, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी