Budaun News: मिट्टी में पोषक तत्वों की जांच कराएगा कृषि विभाग
बदायूं। अधिकांश किसानों को यह पता ही नहीं होता कि उनकी जमीन में किस पोषक तत्व की कमी है। फसल का उत्पादन प्रभावित होने पर वे यूरिया और डीएपी का अंधाधुंध प्रयोग करने लगते हैैं। कृषि विभाग ने अब खुद मिट्टी की निशुल्क जांच करने का फैसला किया है, ताकि किसानों को यह पता चल सके कि उनके खेत की मिट्टी में किस पोषक तत्व की कमी है।
प्रदेश सरकार ने मृदा प्रयोगशाला के अधिकारियों और कर्मचारियों को मिट्टी की निशुल्क जांच करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए जिले के 15 ब्लॉकों में छह-छह गांव चिह्नित किए गए हैं। प्रत्येक गांव से 100 किसानों का चयन किया गया है। इनके खेतों की मिट्टी की जांच प्रयोगशाला निशुल्क की जाएगी। मिट्टी की जांच के बाद किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड भी दिया जाएगा। इसमें मिट्टी की सेहत का पूरा ब्योरा अंकित रहेगा। कृषि वैज्ञानिक से इस कार्ड से जानकारी लेकर ही मिट्टी के पोषक तत्वों की कमी दूर कर सकेंगे।
अब तक मिट्टी के 7237 नमूने लिए
मृदा प्रयोगशाला के कर्मचारियों ने चयनित 9000 किसानों में से 7237 के खेतों से मिट्टी के नमूने एकत्र कर लिए हैं। इनकी जांच शुरू कर दी गई है। कुछ नमूनों की जांच बरेली कराई जाएगी। लिहाजा रिपोर्ट आने में कुछ समय लगेगा। मिट्टी में जिन तत्वों की जांच की जाती है, उनमें नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश, कैल्शियम, मैग्नीशियम, सल्फर, जिंक, लोहा, तांबा, मैंगनीज, बोरॉन व मॉलिब्डेनम प्रमुख हैं।
वर्जन
शासन से इस बार मिट्टी के नौ हजार नमूनों की जांच करने का लक्ष्य मिला है। अब तक 7237 नमूने लिए जा चुके हैं। बाकी नमूने भी जल्द ले लिए जाएंगे। जो नमूने लिए हैं, उनकी जांच जल्द पूरी हो जाएंगी। – प्रदीप कुमार, अध्यक्ष मृदा परीक्षण प्रयोगशाला