Budaun News: ककोड़ा मेले से कल्पवासियों के साथ अब दुकानदारोंं ने भी पकड़ी वापसी की राह


मेला ककोड़ा गंगा घाट पर स्नान करते लोग। संवाद
कादरचौक। मेला ककोड़ा से अब कल्पवासियों के साथ दुकानदार भी वापसी की राह पकड़ने लगे हैं। गंगातट पर बसा तंबुओं का शहर सिमटने से कटरी फिर सुनसान होने लगी है। हालांकि देहात क्षेत्र के दुकानदार अभी मेले में डटे हैं। मीना बाजार समेत अन्य दुकानों पर बृहस्पतिवार को भी खरीदारी का दौर पूरे दिन जारी रहा।
रुहेलखंड के कुंभ मेला ककोड़ा से अब लोगों के लौटने का सिलसिला तेज हो गया है। बृहस्पतिवार शाम तक अधिकांश कल्पवासी लौट गए हैं। उनके साथ कुछ दुकानदार भी वापस हो लिए हैं। मेले में मौत का कुआं, सर्कस, झूले आदि उखड़ने लगे हैं। दुकानदारों ने अपनी चीजों के दामों को अंतिम दौर में कम कर दिया है, इसकी वजह से बाजार में लोगों की भीड़ ज्यादा रही। घर वापसी के दौरान लोगों ने जमकर खरीदारी की। जानवरों के गलों में बांधने के लिए घंटी, रस्सी आदि की किसानों ने खरीदारी की तो ठंड को ध्यान में रखते हुए पशुओं के लिए झूलें भी खरीदीं।
वीआईपी तंबू भी उखड़े
मेला ककोड़ा में जहां कल्पवासियों ने अपने तंबुओं को उखाड़ लिया है तो वहीं वीआईपी इलाकों में बने तंबुओं को ठेकेदार उखाड़ने लगे हैं। अब वहां पर केवल वीराना ही दिखाई दे रहा है। हर तरफ गंदगी भी फैल गई है।

मेला ककोड़ा गंगा घाट पर स्नान करते लोग। संवाद

मेला ककोड़ा गंगा घाट पर स्नान करते लोग। संवाद

मेला ककोड़ा गंगा घाट पर स्नान करते लोग। संवाद