Budaun News: एक ही परिवार में चार मौतें, दुख में डूबा अर्सिस बर्खिन

अर्सिस बर्खिन में रोती बिलखती महिलाएं। संवाद
– शनिवार रात मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर हुआ था हादसा
– तालाब किनारे दफनाए गए दोनों बच्चों के शव, सास-बहू का हुआ अंतिम संस्कार
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं/कुंवरगांव। मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर शनिवार को हुए हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत से अर्सिस बर्खिन गांव में दुख का माहौल है। गांव के हर व्यक्ति की आंख नम है। रविवार को हादसे का शिकार हुए दोनों को बच्चों को दफन करने के साथ सास-बहू का अंतिम संस्कार किया गया।
हादसा शनिवार रात करीब दस बजे हुआ था। उस वक्त शिक्षक पीतांबर का परिवार चंदौसी से एक शादी समारोह के महिला संगीत कार्यक्रम से घर लौट रहा था। कार पीतांबर के छोटे भाई जितेंद्र चला रहे थे। उसमें पीतांबर की मां सूरजश्री (65), बेटे अरनव (6), बेटी शिवान्या (4), पत्नी नीतल उर्फ नीतू (33), बड़े भाई पुष्पेंद्र उर्फ टीटू के बेटे हर्ष (11) और जितेंद्र की पत्नी शशि (26) बैठीं थीं।
रास्ते में हाईवे पर ग्राम दहेमी के पराग दुग्ध फैक्टरी के नजदीक उनकी कार एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से पीछे से टकरा गई थी, जिसमें सूरजश्री, अरनव, हर्ष और शशि की जान चली गई थी। शनिवार रात पुलिस ने चारों शव जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिए थे।
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सास, बहू की जली चिता, दफन किए गए मासूम
शनिवार दोपहर तक शवों के पोस्टमार्टम कराए गए। शाम करीब चार बजे चारों शव अर्सिस बर्खिन गांव पहुंचे। इससे पहले उनके घर पर लोगों की भीड़ लग गई। जैसे ही चारों शव घर पहुंचे कि परिवार के लोग उनसे लिपटकर रोने लगे। उनकी हालत देखकर गांव के लोग भी अपने आंसू नहीं रोक पाए। शाम करीब पांच बजे दोनों बच्चों के शव गांव के तालाब किनारे दफन किए गए। देर शाम सास सूरजश्री और बहू शशि के शवों का भी गांव में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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एक हादसे में उजड़ गया पीतांबर का परिवार
बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक पीतांबर के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पीतांबर चार भाई हैं। सबसे बड़े पुष्पेंद्र उर्फ टीटू हैं। हर्ष उनका इकलौता बेटा था। उसके अलावा उनकी कोई संतान नहीं है। पुष्पेंद्र भोपाल में एक कंपनी में नौकरी करते हैं। वह छुट्टियां मनाने अपनी पत्नी कुसुम और बेटे हर्ष के साथ घर आए हुए थे। पीतांबर के बेटा अरनव था और बेटी शिवान्या है। तीसरे नंबर के जितेंद्र के कोई संतान नहीं है जबकि चौथे भाई अजीत की शादी नहीं हुई है। इस हादसे में दो भाइयों के बेटों, मां और एक भाई की पत्नी की जान चली गई।
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22 जून को थी जितेंद्र की शादी की सालगिरह
पीतांबर के तीसरे नंबर के भाई जितेंद्र की पिछले साल 22 जून 2022 को शादी हुई थी। तीन दिन पहले उन्होंने सालगिरह मनाई थी। परिवार के सभी लोग खुश थे। इस खुशनुमा माहौल को तीन दिन गुजरे थे कि उनके परिवार को नजर लग गई और उसमें शशि समेत परिवार के चार लोगों की जान चली गई।
ट्रैक्टर-ट्राॅली खड़ी करने वाले पर कार्रवाई नहीं
हाईवे हो या फिर लिंक मार्ग। रोड पर वाहन खड़ा करना कानूनन अपराध है। इसके बाद भी पुलिस रोड पर खड़े वाहनों पर कोई कार्रवाई नहीं करती है। यही वजह है कि बेखौफ होकर चालक जहां मनमर्जी हो वहां पर वाहन खड़े कर देते हैं। इसी लापरवाही की वजह से मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर दिन से ही खराब ट्रैक्टर-ट्राॅली रोड पर ही खड़े रहे। पुलिस ने उसको नहीं हटाया। यही ट्रैक्टर-ट्राॅली हादसे का वजह बनी। चालक ट्रैक्टर-ट्राॅली सामने देख कार पर नियंत्रण खो बैठा और हादसे में परिवार के चार लोगों की जान चली गई।
तहरीर के इंतजार में पुलिस
पुलिस इस मामले में अब भी एफआईआर दर्ज करने के लिए तहरीर का इंतजार कर रही है। एसएचओ सिविल लाइंस गौरव विश्नोई का कहना है कि मृतकों के परिजनों ने अभी कोई तहरीर नहीं दी है। तहरीर आते ही कार्रवाई की जाएगी।

अर्सिस बर्खिन में रोती बिलखती महिलाएं। संवाद

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