Budaun News: अत्यधिक भूजल दोहन से डार्कजोन में पहुंचा बिसौली
पहले थे तीन ब्लॉक अब हो गए चार
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। अंधाधुध जल दोहन से धरती की कोख सूखती जा रही है। भूगर्भ से जल का भंडार कम होने लगा है। पिछले कई वर्षों से भूजल दोहन के चलते जलस्तर गिर रहा है। इस बार को छोड़कर पिछले कुछ सालों में कम बारिश होने पर भूजल स्तर में गिरावट आई है। अभी तक तीन ब्लाॅक डार्क जोन में शामिल थे। जो बढ़कर चार हो गए हैं। इसमें बिसौली का नाम भी जुड़ गया है।
जिले मेें पिछले कई सालों में बेइंतहा भूजल दोहन किया गया है। जिसकी वजह से धीरे जिलेभर में जलस्तर गिरता जा रहा है। इसके चलते पहले से जिले के अंबियापुर, इस्लामनगर और आसफपुर ब्लॉक क्रिटिकल जोन की श्रेणी चल रहे हैं। जबकि मौजूदा समय में हो रहे जमकर जलदोहन ने जिले के हालात को और भी ज्यादा बिगाड़ दिया है। जिसकी वजह से अब बिसौली ब्लॉक भी डार्क जोन शामिल हो गया है। यहां पर वाटर लेवल काफी नीचे खिसक गया है। जबकि सहसवान, कादरचौक, जगत, म्याऊं, सालारपुर और उझानी सेमी डार्क जोन में शामिल है। अगर जल्द ही यहां पर लोगों ने जलदोहन को कम नहीं किया तो आने वाले दिनों में परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इस संबंध में लघु सिंचाई विभाग के अवर अभियंता कामेंद्र सिंह ने बताया कि बिसौली को डार्क जोन में शामिल किया गया है। लोगों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है कि वह जितना जरूरी है, उतना ही पानी ले, वेबजह पानी का दुरुपयोग न करें।
नदिया सूखना भी बना एक बड़ा कारण
-तेजी से गिरते भूगर्भ जल स्तर का एक बड़ा कारण नदियों का सूखना भी है। जिले में पहले बहने वाली अरिल, सोत, महावा, भैंसोर नदियां सूख चुकी हैं। सैकड़ों एकड़ में फैली कादरचौक की नाहरगोर और नूरपुर झीलों का अस्तित्व भी खत्म हो गया है। इसके अलावा तालाबों पर कब्जे हो गए हैं। वर्षा जल संचय के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। इसके कारण भू-गर्भ जल स्तर रिचार्ज नहीं हो रहा है।