बदायूं

Budaun News: भाजपा नेता के बेटे से 4.46 लाख रुपये की ठगी

Connect News 24

बदायूं। साइबर अपराधी लोगों को अपना शिकार बनाने के लिए लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं। अब उन्होंने शहर के एक भाजपा नेता के बेटे को पहले व्हाट्सएप पर मेसेज भेजा, फिर बातों में फंसाकर 4.46 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित ने अज्ञात ठगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।

कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला शेख पट्टी निवासी अक्षत वैश्य सिविल इंजीनियर हैं। इस समय वह नोएडा में कार्यरत हैं। उनके पिता अजीत वैश्य भाजपा के मंडल प्रभारी हैं। दादा कृष्ण स्वरूप वैश्य प्रदेश सरकार में मंत्री रहे थे। भाजपा नेता अजीत कुमार ने बताया कि कुछ समय पहले उनके बेटे अक्षत के मोबाइल पर व्हाट्सएप मेसेज आया था। मेसेज करने वाले ने कहा था कि वह ऑनलाइन रिव्यू करें, इसका उन्हें भुगतान किया जाएगा।

अक्षत उसकी बातों में आ गए और उसके कहने पर ऑनलाइन रिव्यू करना शुरू कर दिया। बातों ही बातों में उसने अक्षत का टेलीग्राम पर संपर्क करा दिया। वहां उसने कुछ पैसे लगाने की बात कही। पहले उन्होंने एक हजार रुपये, फिर तीन हजार रुपये जमा किए। वह उन्हें बातों में फंसाता गया और उनसे 4.46 लाख रुपये जमा करा लिए। साइबर ठग और रुपये जमा कराने की कह रहे थे। इसी दौरान अक्षत ने अपने परिवार वालों को इसकी जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, अक्षत से हावड़ा, गुरुग्राम, मुरादाबाद, सूरत और बेंग्लुरू के 11 बैंकों में रकम जमा कराई गई। मामले की जांच की जा रही है।

साइबर सेल प्रभारी सतपाल सिंह के अनुसार ऐसे करें बचाव

– कभी भी अचानक 2-3 मिनट से ज्यादा मोबाइल फोन में सिग्नल न आए तो अलर्ट हो जाएं।

– कभी भी एक नंबर से बार-बार मिस़् कॉल आए तो तुरंत उस नंबर को ब्लॉक कर दें।

– फोन पर कोई संचालन कंपनी का कर्मचारी बनकर ओटीपी या अन्य डिटेल मांगे तो न दें।

– कोई भी व्हाट्सएप कॉल करके ओटीपी मांगे तो उसे न बताएं।

– अपने व्हाट्सएप पर टू स्टेप वेरिफिकेशन लगाएं। इस प्रोसेस में आपको एक पिन डालना होगा। ऐसा करने पर आप जब कभी किसी दूसरे फोन पर लॉगिन करेंगे तो यह पिन डालने पर ही अकाउंट लॉगिन होगा।

– कभी भी डेस्कटॉप या कंप्यूटर पर व्हाट्सएप वेब लॉगिन न छोड़ें।

– अगर कोई ग्राहक बनकर संपर्क करे तो पहले उससे उसकी पहचान से जुड़े कागज मांगे।

– सोशल मीडिया पर अपनी फोटो, वीडियो या वॉयस से जुड़े पोस्ट पर प्राइवेसी सेट करें।

– अनजान नंबर से कॉल आए तो उठाने से बचें। अगर एक बार नजरअंदाज करने के बाद भी बार-बार कॉल आए तो उसे जरूर चेक करें।

– अगर कोई आपको दोस्त या रिश्तेदार बताकर रुपयों की डिमांड करता है, तो अपनी तरफ से खुद उस दोस्त या रिश्तेदार के नंबर पर कॉल करके चेक करें।

– रुपये ट्रांसफर करने भी जा रहे हैं तो नाम जरूर चेक करें। पैसा उसी नाम के अकाउंट में ट्रांसफर करें जो आपके दोस्त या रिश्तेदार का है।

– फिर भी ठगी के शिकार हो गए हैं तो फौरन 1930 पर कॉल करें। या फिर cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।

(साइबर सेल प्रभारी सतपाल सिंह के अनुसार)


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