Budaun News: 15 दिन बाद भी नहीं बदले जाते फुंके ट्रांसफार्मर

दिसौलीगंज में फुंका पड़ा ट्रांसफाॅर्मर। संवाद
तमाम शिकायतों के बावजूद नहीं सुनते अधिकारी, उपकेंद्र स्तर पर ज्यादा लापरवाही
48 घंटे में ट्रांसफार्मर बदले जाने का है नियम
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। जिले की जनता बिजली कटौती से बेहद परेशान है। लगातार शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में बिजली कटौती हो रही है। कभी रात को कटौती कर दी जाती है तो कभी दिन में बिजली नहीं आती लेकिन इससे भी ज्यादा परेशानी ट्रांसफार्मर नहीं बदले जाने से हो रही है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में तमाम ट्रांसफार्मर फुंके पड़े हैं लेकिन विद्युत निगम के अधिकारी उन्हें बदलवाने की सुध नहीं ले रहे हैं। स्थानीय लोग कई बार शिकायत भी कर चुके हैं, इसके बावजूद ट्रांसफार्मर बदले जाने में लापरवाही बरती जा रही है।
यह एक इलाके की समस्या नहीं है। जिले के तमाम स्थानों से ऐसी शिकायतें लगातार आ रहीं हैं। कादरचौक ब्लॉक क्षेत्र के गांव भूड़ा भदरौल में पिछले दो माह से लगातार ट्रांसफार्मर फुंक रहा है। बीच में इस बदला भी गया लेकिन स्थिति नहीं सुधरी। इस समय भी ट्रांसफार्मर फुंका है और उपकेंद्र में नया ट्रांसफार्मर होने पर भी इसे बदला नहीं गया है।
इससे भूड़ा भदरौल ही नहीं, आसपास के कई गांवों की विद्युत आपूर्ति लड़खड़ाई चल रही है। इसी तरह वजीरगंज और बिसौली ब्लॉक क्षेत्र में भी पंद्रह दिन से गांव के ट्रांसफॉर्मर फुंके चल रहे हैं लेकिन उन्हें भी अब तक नहीं बदला जा सका है जबकि विद्युत निगम के नियम के अनुसार दो दिन यानी 48 घंटे में ट्रांसफार्मर बदल जाना जरूरी है।
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मामला-1
रेहड़िया में छह दिन से फुंके हैं दो ट्रांसफार्मर
वजीरगंज ब्लॉक क्षेत्र के गांव रेहड़िया में पिछले छह दिन से दो ट्रांसफार्मर फुंके हैं। उनमें एक 100 केवीए और दूसरा 25 केवीए का है। ग्रामीणों का कहना है कि जब से ट्रांसफार्मर फुंके हैं, तब से कई बार विद्युत उपकेंद्र पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों से शिकायत कर चुके हैं। इसके बावजूद अब इन्हें नहीं बदला गया है।
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मामला-2
दिसौलीगंज में 15 दिन से नहीं बदले ट्रांसफार्मर
बिसौली ब्लॉक क्षेत्र के गांव दिसौलीगंज में पिछले 15 दिन से ट्रांसफार्मर नहीं बदले गए। ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव में 25-25 केवीए के चार ट्रांसफार्मर रखे हुए हैं। यह चारों ट्रांसफार्मर काफी ओवरलोड हैं। एक तरफ लगाते हैं तो दूसरी तरफ फुंक जाते हैं। अब चारों ट्रांसफार्मरों को फुंके हुए करीब 15 दिन हो चुके हैं। ऐसा नहीं है कि विद्युत निगम के अधिकारियों को सूचना नहीं दी। उन्हें कॉल करके भी बताया और शिकायती पत्र भी दिया, लेकिन कोई अधिकारी गांव में आने को तैयार नहीं है। ट्रांसफार्मर न बदले जाने से ग्रामीणों का बुरा हाल है।
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ट्रांसफार्मर मौजूद, फिर भी हीलाहवाली
ऐसा नहीं है कि विभाग के पास ट्रांसफार्मर नहीं हैं, पर इन्हें लगाने में हीलाहवाली की जाती है। कभी अधिकारियों की अनदेखी तो कभी कर्मचारियों की लापरवाही का खामियाजा जनता भुगतती है। अधीक्षण अभियंता, वर्कशॉप विवेक पटेल के अनुसार, वर्कशाॅप में 10 केवीए के पांच, 16 केवीए के 25, 25 केवीए के 75, 63 केवीए के 17, 100 केवीए के 11, 250 केवीए के 14, 400 केवीए के पांच, 630 केवीए के दो ट्रांसफार्मर मौजूद हैं। यदि उपकेंद्र से सूचना उच्चाधिकारियों तक पहुंचती है तो 48 घंटे के अंदर ट्रांसफार्मर बदल दिया जाता है। इसके लिए उन्हें ऑनलाइन सूचना देनी होती है। यदि यह सूचना नहीं होती है तो अधिकारियों को पता नहीं चलता।
ट्रांसफार्मर बदले जाने का समय 48 घंटे का है। अगर कहीं ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया है तो ग्रामीण इसकी सूचना दें, जिससे वहां का ट्रांसफार्मर बदला जा सके।
– अखिलेश कुमार, अधीक्षण अभियंता, विद्युत निगम

दिसौलीगंज में फुंका पड़ा ट्रांसफाॅर्मर। संवाद