Budaun News: बीएसए ने 17 एआरपी से मांगा स्पष्टीकरण
निर्धारित समय तक नहीं रहे स्कूल में, सिर्फ औपचारिकता निभाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा बेहतर हो सके, इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग में एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) नियुक्त किए गए हैं। वे स्कूलों में जाकर सहयोगात्मक पर्यवेक्षण करते हैं तो बच्चों को पढ़ाते भी हैं, लेकिन जुलाई में जिले में तैनात 17 एआरपी स्कूलों में जाकर केवल औपचारिकता पूरी करते नजर आए। मामला संज्ञान में आने पर बीएसए ने नाेटिस जारी कर सभी से स्पष्टीकरण मांगा है।
ऑपरेशन कायाकल्प के तहत परिषदीय स्कूलों की शिक्षा को बेहतर किया जा रहा है। इसी क्रम में शासन के निर्देश पर एआरपी की तैनाती की गई, निर्देश हैं कि एआरपी स्कूलों में जाकर छात्र-छात्राओं का अलग से कम से कम दो घंटे पढ़ाएं। इस दौरान स्कूल पहुंचकर सहयोगात्मक पर्यवेक्षण एप को ऑन रखें, जिससे उनके आने और जाने के बारे में जानकारी हो सके।
बावजूद इसके जिलेे में 17 एआरपी ऐसे रहे, जो स्कूल में पढ़ाने के नाम पर केवल औपचारिकता निभाते नजर आए। वह समय से पहले ही स्कूल से चले गए। इसको लेकर महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना ने बीएसए को इनकी सूची भेजी। इस पर बीएसए ने सभी से नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण तलब किया है।
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एक माह में 30 स्कूलों मेें जाना है जरूरी
जिले के प्रत्येक ब्लॉक में पांच-पांच एआरपी तैनात है। प्रत्येक एआरपी काे एक माह में 30 स्कूलों में जाना होता है। वहां पर बच्चों को पढ़ाई करानी होती है। इस दौरान जरूरी है कि वे स्कूल में कम से कम दो घंटे जरूर रहे।
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महानिदेशक की तरफ से 17 एआरपी के नाम भेजे गए हैं। जिन्होंने निर्धारित अवधि से पहले ही स्कूल को छोड़ दिया। उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके बाद अगली कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-स्वाति भारती, बीएसए