Budaun News: ठंड ने दोगुना बढ़ा दिए निमोनिया के मरीज, कॉमन काेल्ड वायरल भी सता रहा

महिला अस्पताल में डॉक्टर के इंतजार में बच्चों को दिखाने को बैठे परिजन। संवाद
बदायूं। सर्दी बढ़ने के साथ ही निमोनिया, कोल्ड डायरिया और कॉमन कोल्ड वायरल के रोगियों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। निमोनिया और रोल्ड डायरिया से सबसे ज्यादा बच्चे प्रभावित हो रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के चिल्ड्रन व पीआईसीयू वार्ड में डायरिया व निमोनिया से पीड़ित बच्चों की संख्या एक पखवाड़े के भीतर ही लगभग दोगुनी हो गई है। रोजाना 15 से 20 बच्चे भर्ती हो रहे हैं।
महिला अस्पताल और जिला अस्पताल में भी सामान्य दिनों से ज्यादा बच्चे इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। मंगलवार को ओपीडी में 200 बच्चों को डॉक्टरों को दिखाया गया। इनमें से करीब 80 फीसदी बच्चों में निमोनिया, कोल्ड डायरिया, सर्दी-जुकाम और कॉमन कोल्ड वायरल के लक्षण मिले। ठंड में जैसे-जैसे इजाफा हो रहा है, जिला अस्पताल, महिला अस्पताल और राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीजों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। निमोनिया और वायरल पीड़ित रोगी सबसे ज्यादा पहुंच रहे हैं। मंगलवार को महिला अस्पताल की ओपीडी में तीन डाॅक्टर मरीजों को देखते मिले। दो डाॅक्टर ओपीडी में मरीजों को देखने के बजाय विभागीय कार्य में लगे हुए थे। जिला अस्पताल की ओपीडी में आठ डॉक्टर मरीजों को देखने में लगे थे, जबकि एक डॉक्टर वार्ड में मरीजों को देखने गए थे। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में 40 डॉक्टरों को मरीजों को देखने के लिए लगाया गया था।
यह रही ओपीडी की स्थिति
मंगलवार का दिन भी काफी ठंडा रहा। इसके चलते सुबह से ही जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और महिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ रही। महिला अस्पताल की ओपीडी में 200 बच्चे पहुंचे। सामान्य दिनों में 70-80 बच्चे ही ओपीडी में पहुंचते हैं। वहीं 140 महिलाएं दवा लेने पहुंची। बच्चों में सबसे ज्यादा निमोनिया और कोल्ड डायरिया से पीड़ित थे। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में 1880 मरीज और जिला अस्पताल की ओपीडी में 1245 मरीज पहुंचे। एक माह पहले तक ओपीडी में मरीजों की संख्या 700-800 रह थी। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप वाष्र्णेय ने बताया कि मौसम बदलने पर बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक बीमार हो रहे हैं। बच्चों में निमोनिया, सर्दी जुकाम और कॉमन कोल्ड वायरल पाया गया है।
सर्दी की शुरूआत से ही बुखार के मरीज बढ़े हैं। अस्पताल में सभी दवाएं मौजूद हैं। मरीजों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रहीं हैं। किसी भी मरीज को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। – डॉ. इंदुकांत, सीएमएस महिला अस्पताल

महिला अस्पताल में डॉक्टर के इंतजार में बच्चों को दिखाने को बैठे परिजन। संवाद



