Budaun News: बसों में दोपहर तक भीड़, बाद में सवारियों का इंतजार

जेल के बंदियों को राखी बांधने आई बहनों की जेल के बाहर लगी कतार। संवाद
बृहस्पतिवार को बदली रहीं परिस्थितियां, परिवहन निगम के अनुसार, दो दिन में 10 हजार बहनों ने की मुफ्त यात्रा
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। रक्षाबंधन के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को रोडवेज बसों में ज्यादा भीड़भाड़ नहीं रहीं। हालांकि सुबह जरूर कुछ भीड़ देखने को मिली लेकिन दोपहर बाद अधिकतर सीटें खाली रहीं। इस दौरान दो दिन में करीब 10 हजार बहनों ने मुफ्त यात्रा की।
प्रदेश सरकार ने रक्षाबंधन के अवसर पर दो दिन बहनों के लिए यात्रा मुफ्त कर दी थी। त्योहार के पहले दिन बुधवार को करीब साढ़े पांच हजार बहनों ने रोडवेज बसों में मुफ्त सफर किया। पहले दिन रोडवेज बसों में भीड़ भी देखने को मिली। इस दौरान लोगों को बसों में सीट लेने के लिए खिड़कियों तक से अंदर घुसना पड़ा। बहनों का सफर भी काफी दिक्कत तलब रहा, कई ने तो खड़े होकर यात्रा की। इसके विपरीत दूसरे दिन बृहस्पतिवार को स्थिति अलग रही।
बृहस्पतिवार को सुबह जरूर बसों में कुछ भीड़ रही लेकिन ऐसी नौबत नहीं आई कि सवारियों को लटककर या खड़े होकर यात्रा करनी पड़ी हो। दोपहर के बाद से रोडवेज बसों में अधिकतर सीटें खाली देखने को मिलीं। एआरएम धणेंद्र कुमार चौबे ने बताया कि बृहस्पतिवार को सुबह से लेकर शाम तक करीब साढ़े चार हजार बहनों ने मुफ्त सफर किया।
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ट्रेनों में धक्कामुक्की, यात्रियों ने खड़े होकर किया सफर
बृहस्पतिवार को भी ट्रेनों में बहुत खराब हालात देखने को मिले। सुबह से लेकर शाम तक रेलवे स्टेशन से जो भी ट्रेन गुजरी, उनमें खूब भीड़ रही। तमाम यात्रियों ने खड़े होकर सफर किया। इस दौरान धक्कामुक्की की नौबत तक आई। जिले से ट्रेन की सुविधा मुख्य रूप से बरेली, कासगंज और मथुरा के लिए है। अधिकतर ट्रेनें बरेली से कासगंज के लिए चलती हैं। इनमें ही सबसे ज्यादा भीड़ रही। इसके अलावा रेलवे स्टेशन पर भी खूब भीड़भाड़ रही। ट्रेन आने से पहले ही रेलवे स्टेशन यात्रियों से खचाखच भर गया। इस दौरान कुछ ऐसे यात्री भी देखने को मिले, जो ट्रेन में सफर ही नहीं कर पाए। बाद में उन्होंने रोडवेज बसों या प्राइवेट वाहनों में यात्रा की।
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651 महिलाओं ने बंदी भाइयों को बांधी राखी
बृहस्पतिवार को जिला कारागार में भी खूब भीड़ रही। सुबह नौ बजे से शुरू हुई मुलाकात शाम चार बजे तक जारी रही। इस दौरान 651 बहनों ने जेल में बंद अपने भाइयों को राखियां बांधी। उनके साथ 885 बच्चे भी जेल पहुंचे। उन्होंने भी अपनों से मुलाकात की। कुल आठ शिफ्टों में मुलाकात का दौर चला। शाम के समय कासगंज से तीन महिलाएं भी पहुंचीं। उन्हें अलग से मुलाकात कराई गई। इस दौरान जेल प्रशासन ने महिलाओं और बंदियों को बैठने के लिए टेंट लगवा दिया था। पानी और डिस्पोजल गिलास का भी इंतजाम किया गया। जेल अधीक्षक डॉ. विनय कुमार ने बताया कि जेल में किसी बहन को दिक्कत नहीं हुई। सभी ने आराम से रक्षाबंधन मनाया। उन्होंने राखी बांधकर अपने भाइयों की लंबी उम्र की कामना की।
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बिल्सी : डग्गामार वाहनों का लिया सहारा
बिल्सी। बिसौली-कासगंज वाया कछला रूट पर रोडवेज बसों की संख्या कम होने के कारण यात्रियों को परेशानी हुई। सुबह से लेकर शाम तक लोगों को बसों का इंतजार करना पड़ा। अंत में लोगों को डग्गामार वाहनों का ही सहारा लेना पड़ा। व्यापारी सुरेश चंद गुप्ता, लोकेश बाबू, ललतेश कुमार, कमलेश शर्मा आदि ने बताया कि प्रदेश की पूर्व सपा सरकार में करीब पांच वर्ष पूर्व बिसौली-कासगंज वाया कछला मार्ग पर रोडवेज की आधा दर्जन बसों का संचालन होता था, जिससे क्षेत्र की जनता को काफी राहत थी। बाद में बसों को धीरे-धीरे बंद कर दिया गया। वर्तमान में इस रूट पर मात्र एक बस का संचालन किया जा रहा है। यही हाल नगर के बदायूं और इस्लामनगर रूट का भी रहा।

जेल के बंदियों को राखी बांधने आई बहनों की जेल के बाहर लगी कतार। संवाद

जेल के बंदियों को राखी बांधने आई बहनों की जेल के बाहर लगी कतार। संवाद

जेल के बंदियों को राखी बांधने आई बहनों की जेल के बाहर लगी कतार। संवाद

जेल के बंदियों को राखी बांधने आई बहनों की जेल के बाहर लगी कतार। संवाद

जेल के बंदियों को राखी बांधने आई बहनों की जेल के बाहर लगी कतार। संवाद