Budaun News: कन्हैया की महारास लीलाओं का वर्णन

बिसौली में भजनों के धुन पर थिरकतीं महिलाएं।
बिसौली। श्रीकृष्ण अग्रवाल धर्मशाला में चल रही श्रीमद्भागवत के छठे दिवस वृंदावन से आईं कथावाचक अंबिका ने गिरिराज पूजन के उपरांत कन्हैया की महारास की लीलाओं का वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि स्वयं भोलेनाथ ने सखी बनकर कन्हैया के साथ रास रचाया था। भगवान श्रीकृष्ण ने अक्रूर जी व बलराम जी के साथ मथुरा पहुंचकर धनुष भंग किया। चानूर, मुष्टिक आदि दुर्दांत राक्षसों का उद्धार किया। कथावाचक ने कहा कि मथुरा में जरासंध ने अनेक बार आक्रमण किया और भगवान श्रीकृष्ण ने सोलह बार उसको परास्त किया। बाद में श्रीकृष्ण ने द्वारकापुरी बसाई और द्वारकाधीश कहलाए। इसके बाद कथावाचक ने रुक्मणि मंगल की कथाएं सुनाई। बीच-बीच में भजनों की मधुर धुनों पर महिलाएं झूमतीं रहीं। इस अवसर पर आनंद गुप्ता, परमानंद गुप्ता, अरविंद, ज्ञानेंद्र, दुर्गेश, अंकुर, मनोहर, पवन गुप्ता, सुरेंद्र अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।