Budaun News: विधायकों की बेरुखी से ठिठका विकास, खर्च नहीं कर रहे निधि
बदायूं। जिले में विकास की गंगा बहाने के लिए सभी विधायकों को पांच-पांच करोड़ रुपये शासन ने उपलब्ध कराए हैं। पहले विधायकों को तीन करोड़ रुपये विकास कार्यों के लिए मिला करते। निधि उपलब्ध हो जाने के बाद भी विधायक प्रस्ताव देने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इससे विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं।
कोविड काल के दौरान विधायक निधि बंद कर दी गई थी। इससे विकास कार्यों पर पूरी तरह से रोक लग गई थी, लेकिन बाद में शासन स्तर से विधायक निधि दोबारा से शुरू कर दी गई। इसके पीछे मंशा है कि विधायक अपने क्षेत्र में इस धनराशि से जनहित के विकास कार्य करा सकें। 2022-23 में विधायकों को तीन-तीन करोड़ रुपये दिए गए थे। सभी विधायकों ने लगभग पूरी धनराशि के प्रस्ताव दे दिए थे। इन पर काम चल रहा है। कुछ पूरे भी हो चुके हैं।
वर्ष 2023-24 में विधायकों के लिए शासन स्तर से धनराशि बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये कर दी गई, लेकिन इस वित्तीय वर्ष में विधायक काम कराने में रुचि नहीं ले रहे हैं। हालात ये हैं कि भाजपा के दातागंज विधायक राजीव कुमार ने अब तक एक भी प्रस्ताव नहीं दिया है। बिल्सी विधायक हरीश शाक्य के 94 लाख के प्रस्ताव पास हुए हैं।
शहर विधायक महेशचंद्र गुप्ता 1.50 करोड़ रुपये के प्रस्ताव पास करा चुके हैं। सपा विधायक अपनी निधि तेजी से खर्च कर रहे हैं। शेखूपुर विधायक हिमांशु यादव के एक करोड़, बिसौली विधायक आशुतोष मौर्य 3.42 करोड़ और सहसवान विधायक ब्रजेश यादव के 3.80 करोड़ रुपये के प्रस्ताव पास हो चुके हैं।
एमएलसी ने नहीं कराया कोई काम
एमएलसी वागीश पाठक की ओर से अपनी निधि पांच करोड़ रुपये से जिले में अब तक कोई विकास कार्य नहीं कराया गया है। विधायक तो विकास कार्यों को लेकर गंभीर नहीं ही हैं, आरईएस भी लापरवाही बरत रहा है। कई विधायकों के प्रस्ताव स्वीकृत नहीं हो पाए हैं।
विधायक प्रस्ताव भेज रहे हैं, जल्द ही सभी विधायकों के संपूर्ण धनराशि के प्रस्ताव मिलने की उम्मीद है, क्योंकि ढाई करोड़ रुपये की धनराशि कुछ समय पहले ही मिली है। – बलराम कुमार, पीडी डीआरडीए



