Budaun News: मक्का की आठवीं रैक रवाना… महाराष्ट्र और दक्षिण में है मांग

उझानी मालगोदाम पर रैक लोडिंग को खड़े मक्का लदे वाहन। संवाद
– उझानी मालगोदाम से हर तीसरे दिन हो रही है लोड
– तेलांगना और गुजरात के लिए भी जा चुकी हैं तीन रैक
संवाद न्यूज एजेंसी
उझानी (बदायूं)। बारिश के दौरान मक्का उत्पादक परेशानी में जरूर दिख रहे हैं, लेकिन उनकी उपज के कद्रदान भी कम नहीं हैं। महाराष्ट्र, गुजरात और तेलंगाना के लिए अब तक आठ रैक लोड कर भेजी जा चुकीं हैं। उझानी मालगोदाम से हर तीसरे दिन एक रैक लोड हो रही है तो तेलांगना और गुजरात के लिए तीन रैक भेजी जा चुकीं हैं।
उझानी और बिल्सी के आढ़तियों की ओर से मक्का की रैक लोड कराकर दक्षिणी राज्यों में भेजने की प्रक्रिया पिछले दिनों शुरू हुई थी। यहां हाइब्रिड प्रजाति की मक्का की पैदावार अधिक है। मंडियों में मक्का की आवक बढ़ी तो सबसे पहले गुजरात के लिए रैक लोड की गई। इसके बाद धीरे-धीरे रैक भेजे जाने का सिलसिला बढ़ता चला गया।
बिल्सी निवासी आढ़ती अमित कुमार उर्फ गुड्डा बताते हैं कि एक रैक में करीब 26 सौ टन मक्का लोड होती है। बृहस्पतिवार को जो रैक लोड हुई, वह महाराष्ट्र भेजी गई है। गुजरात, तेलांगना और दक्षिण के अन्य प्रदेशों में पहले ही रैक जा चुकी हैं। इसके बाद भी उझानी समेत जिले की बड़ी मंडियों में मक्का की आवक बनी हुई है।
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18 सौ रुपये प्रति क्विंटल बिक रही अच्छी क्वालिटी की मक्का
यहां मंडी परिसर में मक्का की आवक बढ़ने के बाद भी मूल्य स्थिर बने हुए हैं। बिना भीगी और दगीली मक्का के खरीदार अधिक हैं। बृहस्पतिवार काे भी अच्छी गुणवत्ता की मक्का प्रति क्विंटल 18 सौ रुपये से अधिक बिकी। इसके अलावा दगीली मक्का का मूल्य आठ सौ से 12 सौ रुपया प्रति क्विंटल तक है।
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पशु आहार में हाइब्रिड मक्का का इस्तेमाल ज्यादा
– हाइब्रिड मक्का का करीब 65 फीसदी इस्तेमाल पशु आहार के अलावा मुर्गी दाना, चॉकलेट, पेंट, स्याही बनाने में किया जाता है, जबकि देशी मक्का खाने में इस्तेमाल की जाती है।