Budaun News: तटबंध पर रह रहे लोगों को समझाया, पर नहीं माने
सहसवान। तौफी नगला गांव को खाली करने के बाद में तटबंध पर लाेगों ने रहना शुरू कर दिया, हालांकि तहसील प्रशासन द्वारा उनके लिए पास के गांवों में पंचायतघर और स्कूलों में रुकने की व्यवस्था की गई हैं, लेकिन वहां पर कोई भी ग्रामीण रहने के लिए नहीं जा रहा है। इसको लेकर शनिवार शाम को एसडीएम प्रेमपाल सिंह गंगा-महावा तटबंध पर पहुंचे और वहां पर रह रहे ग्रामीणों से बात की। एसडीएम ने ग्रामीणों को समझाया कि उनके रहने से लेकर खाने तक की पूरी व्यवस्था कराई गई है। यहां तक की पशुओं के लिए भी चारा वहां पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बावजूद भी वहां से एक भी व्यक्ति प्रशासन द्वारा निर्धारित जगह पर जाने के लिए तैयार नहीं हुए।
ग्रामीणों का आरोप, काफी दूर है रुकने की जगह
सहसवान। तटबंध पर रह रहे ग्रामीणों के अनुसार तहसील प्रशासन द्वारा जो व्यवस्था की गई है। वह उनके गांव से कम से कम तीन किलोमीटर दूर है। ऐसे में सभी सामान को लेकर वहां पर अस्थाई तौर पर रहने के लिए नहीं जा सकते हैं। ऐसे में वह तटबंध पर रहकर घरों पर निगाहें तो बना सकते हैं कि कौन से मकान कटने वाला है। तो सभी ग्रामीण मिलकर उस मकान का सामान दूसरी जगह पर पहुंचा देते हैं। लेकिन प्रशासन वाली जगह से ऐसा कर पाना मुश्किल है।