Budaun News: डीएम के आदेश पर भी बंद नहीं हो पा रहे फर्जी लैब और अस्पताल
बदायूं। जिले में फर्जी लैब और अस्पतालों के खिलाफ डीएम के आदेश के बाद भी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। झोलाछाप मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार खामोश हैं। जब कोई घटना होती हैै तब एक-दो दिन के लिए स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता नजर आती है, लेकिन फिर सब ढर्रे पर आ जाता है।
निजी प्रयोगशालाओं की जांच में डेंगू की पुष्टि और निजी अस्पतालों में डेंगू के इलाज के नाम मरीजों से मोटी रकम वसूले जाने के मामले सामने आने पर डीएम मनोज कुमार ने दो महीने का विशेष अभियान चलाकर फर्जी लैब व नर्सिंग होम पर कार्रवाई करने के आदेश स्वास्थ्य विभाग को दिए थे, लेकिन एक पखवाड़ा बीत जाने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
जिले में तमाम जगहों पर बिना रजिस्ट्रेशन के नर्सिंग होम और पैथोलॉजी लैब का संचालन किया जा रहा है। बुखार के मरीजों को जमकर लूटा जा रहा है। लैब से मनचाही रिपोर्ट देने के लिए कमीशनबाजी का खेल चल रहा है। डीएम के अवैध नर्सिंग होम व गली-कूचों में चल रहीं फर्जी लैब को सील करने के आदेश स्वास्थ्य विभाग ने हवा में उड़ा दिए हैं।
आंकड़ों पर एक नजर
पंजीकृत लैब -06
अपंजीकृत लैब -650
पंजीकृत नर्सिंग होम व अस्पताल -130
गली मोहल्लों में चल रहे फर्जी नर्सिंग होम व अस्पताल-970
अभी संचारी रोग नियंत्रण अभियान चल रहा है। सीएचसी से लेकर पीएचसी तक का स्टाफ रात दिन इसमें लगा है। अभियान समाप्त होने के बाद जिले में संचालित अवैध नर्सिंग होम, अस्पतालों और लैबों के खिलाफ अभियान शुरू किया जाएगा। फर्जी तरीके से लैब व अस्पताल संचालित नहीं होने दिए जाएंगे। – डॉ. प्रदीप वाष्र्णेय सीएमओ