Budaun News: बेटी की डोली से पहले उठी पिता की अर्थी, नम आंखों से निभाईं ब्याह की रस्में
उझानी/कछला। बेटी रवीना की दरवाजे पर बरात आने से पहले उसके पिता दाताराम का शव पहुंचा तो परिवार में ब्याह की खुशियां काफूर हो गईं। तीन दिन पहले दवा लेने दिल्ली गए दाताराम की ट्रेन में ही जिदंगी की डोर टूट गई। पिता के अंतिम संस्कार के तीन घंटे बाद ही बेटी के ब्याह की रस्में पूरी हुईं।
दाताराम (55) कछला के वार्ड नंबर एक के निवासी थे। वह काफी समय से फेफड़ों की बीमारी से ग्रस्त थे। बेटी रवीना के ब्याह की रस्में पूरी करते समय तबीयत ठीक रहे, सो दाताराम तीन दिन पहले दवा लेने को मथुरा के रास्ते ट्रेन से निकल गए। जाने से पहले उन्होंने बरात के सेवा सत्कार और दहेज में देने कुछ घरेलू सामान का बंदोबस्त भी करके घर में रख दिया था।
मंगलवार को पत्नी धनवती को दिल्ली से मनहूस खबर मिली कि दाताराम का शव ट्रेन में मिला है। धनवती और रिश्तेदार दिल्ली गए। पोस्टमार्टम की औपचारिकता पूरी कराकर शव लेकर बुधवार दोपहर बाद लौटे तो परिवार में कोहराम मच गया। डोली से पहले दाताराम की अर्थी उठी तो रवीना गश खाकर गिर पड़ी। उसके हाथों पर सुबह में ही मेहंदी लगी थी।
नाबालिग बेटे फरमान ने पहले पिता की चिता को मुखाग्नि दी, फिर लौटकर बहन रवीना के ब्याह से जुड़ी रस्मों को पूरा कराना शुरू कर दिया। दाताराम की चार संतान में तीन बेटियां और सबसे छोटा बेटा फरमान है। बड़ी बेटी प्रियंका की शादी हो चुकी है। रवीना का ब्याह एटा के गांव लखेरा निवासी अंकित से हुआ है। बुधवार देर रात सात फेरों की रस्म पूरी हुई।