Budaun News: आसफपुर इलाके में करेंगी फीडर कई दिन से बंद, जनरेटर चलाकर लोग चला रहे काम

ललुआनगला में जनरेटर से सबमर्सिबल लगाकर पानी स्टोर करते ग्रामीण।संवाद
– ग्रामीण इलाकों में 18 घंटे आपूर्ति देने का दावा पर मिल रही 10 से 12 घंटे ही
– शहरी इलाकों में भी दो से तीन घंटे की कटौती, ट्रिपिंग भी बड़ी समस्या
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती जा रही है वैसे-वैसे बिजली संकट बढ़ रहा है। शहर में तो हालात कुछ सही हैं लेकिन ग्रामीण इलाकों में हालत खस्ता है। कई कस्बों और ग्रामीण इलाकों में शेड्यूल के हिसाब से आपूर्ति नहीं मिल रही, मगर दावे शेड्यूल के मुताबिक बिजली देने के किए जा रहे हैं। आसफपुर इलाके में करेंगी फीडर तो कई दिन से बंद है। वहां लोग जनरेटर चलाकर काम चला रहे हैं।
जिले में गर्मी के साथ-साथ बिजली की खपत बढ़ गई है। जहां अब तक केवल पंखा चलाने से काम चल जाता था, वहां पर एसी और कूलर चल रहे हैं। खपत और आपूर्ति के इस अंतर के कारण जिले में बिजली की कटौती भी शुरू हो गई है। पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों के अनुसार, शहरी इलाकों में 24 घंटे और ग्रामीण इलाकों में 18 घंटे आपूर्ति देने का नियम है, लेकिन इसकी हकीकत पर गौर करें तो नियम के अनुसार आपूर्ति नहीं मिल रही। जहां 18 घंटे आपूर्ति देने का नियम है, वहां 10 से 12 घंटे ही आपूर्ति दी जा रही है।
शहरी इलाकों में भी दो-चार घंटे की कटौती कर दी जाती है। ग्रामीण इलाकों में नलकूपों के लिए जहां 10 घंटे का नियम है तो वहां आठ घंटे ही आपूर्ति कर दी गई है। यह हाल केवल इन इलाकों का नहीं है। जिले के और भी इलाके ऐसे हैं, जहां दो-चार घंटे की कटौती हो रही है। इससे लोग काफी परेशान हैं।
नया ट्रांसफॉर्मर आने के बावजूद शुरू नहीं हो सका है करेंगी फीडर
दबतोरी। आसफपुर ब्लॉक क्षेत्र का करेंगी फीडर बृहस्पतिवार से बंद है। बताया जा रहा है कि यहां एक ट्रांसफॉर्मर फुंक गया है। तब से अब तक आपूर्ति बहाल नहीं कराई गई है। इससे करेंगी फीडर के 20 से 25 गांव प्रभावित हैं। यहां पेयजल का बहुत बड़ा संकट बन गया है। लोग जनरेटर चलाकर काम कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि यहां नया ट्रांसफॉर्मर भी आ गया है, बावजूद इसके आपूर्ति शुरू नहीं की गई है।
एक माह में बढ़ गया 30 से 35 फीसदी भार
गर्मी बढ़ते ही विद्युत उपकेंद्रों पर भार भी बढ़ गया है। पिछले महीने जहां विद्युत उपकेंद्रों पर 90 से 100 एंपियर लोड था, वह इस महीने बढ़कर 130 से 135 एंपियर हो गया है। इसके साथ ही बिजली की खपत जहां पिछले महीने तक 2.5 मिलियन यूनिट थी, वह अब बढ़कर तीन मिलियन यूनिट हो गई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यदि इसी तरह से गर्मी बढ़ती रही तो अगले महीने तक लोड 40 से 45 एंपियर और बढ़ जाएगा। लोड बढ़ने के साथ ही शहर के सभी विद्युत उपकेंद्र ओवरलोड हो चुके हैं।
हो रहा सर्वे, 518.60 लाख से सुधरेगी बिजली व्यवस्था
जिले में पावर कॉरपोरेशन की रिवैंप योजना के तहत बिजली व्यवस्था सुधारी जाएगी। इसके लिए पावर कॉरपोरेशन को 518.60 लाख रुपये का बजट स्वीकृत हुआ है। इसमें शहर की जर्जर लाइनें बदली जाएंगीं। कई जगह ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी और कई जगह नए ट्रांसफॉर्मर भी लगाए जाएंगे। फिलहाल कहां-कहां लाइनें बदली जानी है। इसका सर्वे कराया जा रहा है।
किसानों को मिल रही मात्र दो से तीन घंटे ही बिजली
फोटो
क्षेत्र के किसानों को आठ-दस घंटे से अधिक बिजली नहीं मिल पा रही है। पिछले तीन दिनों से तो और भी ज्यादा हालत खराब है। नागरझूना के विद्युत उपकेंद्र से मात्र दो-तीन घंटे ही बिजली मिल रही है। इससे किसान अपनी फसलों की सिंचाई भी नहीं कर पा रहे हैं।
– राहुल सोलंकी, सतेती
गर्मी बढ़ते ही गांव और सिंचाई के लिए बिजली का संकट खड़ा हो जाता है। इससे किसानों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस समय भी पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है। इससे किसान फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। किसानों को शेड्यूल के हिसाब से आपूर्ति दी जाए।
– राहुल शाक्य, सिद्धपुर चित्रसैन
एक सप्ताह से दबतोरी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद है। गर्मी से बच्चे परेशान हैं। वह ठीक से पढ़ाई तक नहीं कर पा रहे हैं। पेयजल और प्रकाश व्यवस्था पूरी तरह से ठप है। अधिकारियों को जल्द से जल्द से आपूर्ति बहाल करना चाहिए।
– लूसी गंगवार, शिक्षिका दबतोरी
हमारे यहां बिजली का बहुत बड़ा संकट पैदा हो गया है। कई दिन से बिजली नहीं आ रही है। पूछने पर बताया गया कि ट्रांसफॉर्मर फुंक गया है। हैरानी की बात है कि पांच दिन से अभी तक आपूर्ति ठीक नहीं कराई गई। अब तो फसलें सूखने लगी हैं। लोग जनरेटर चलाकर काम चला रहे हैं।
– मुनेंद्र सिंह, बीधानगला
पावर कॉरपोरेशन से जो आपूर्ति मिल रही है वह लगातार बिना कटौती दी जा रही है। अगर कहीं लाइन खराब हो जाती है तो बात अलग है। वैसे ग्रामीण इलाकों में 18 और शहरी इलाकों में 24 घंटे आपूर्ति देने का नियम है। खराब लाइनें दुरुस्त करने के लिए सर्वे जारी है।
– हरीश कुमार, एक्सईएन, पावर कॉरपोरेशन

ललुआनगला में जनरेटर से सबमर्सिबल लगाकर पानी स्टोर करते ग्रामीण।संवाद

ललुआनगला में जनरेटर से सबमर्सिबल लगाकर पानी स्टोर करते ग्रामीण।संवाद

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ललुआनगला में जनरेटर से सबमर्सिबल लगाकर पानी स्टोर करते ग्रामीण।संवाद